Door Rehkar Khush Hai

Wo Mujhse Door Rehkar Khush Hai
To Rehne Do Use...
Mujhe #Chahat Se Zyada
Uski Muskurahat Pasand Hai !!!

Wo Mujhse Door Rehkar Khush Hai
To Rehne Do Use...
Mujhe #Chahat Se Zyada
Uski Muskurahat Pasand Hai !!!
गर चाहिए मोहब्बत, तो काबिल बनिए,
तपती धूप नहीं, खुशनुमा बादल बनिए !
बन के बारूद क्या मिलेगा तुम्हें दोस्त,
बन सको तो, आँखों का काजल बनिए !
न मुस्कराओ किसी को डूबता देख कर,
गर बन सको तो, उसका साहिल बनिए !
#ज़िन्दगी में ज़रा संभल कर चलिए दोस्त,
न ज्यादा सुर्ख़रू, न ज्यादा जाहिल बनिए !!!!
घर बैठे कभी फूल, मुस्कराने नहीं आते,
बिन ख़ुशी, मोहब्बत के तराने नहीं आते !
नफ़रत को उजड़ा हुआ आशियाँ समझो,
जहां पंछी भी कभी, सर छुपाने नहीं आते !
खुश्क आँखें भी कर देती हैं वयां हाले दिल,
उनको भी दिल के राज़, छिपाने नहीं आते !
क्यों छोड़ा था सफ़र में यूं अकेला उनको,
यारा लौट कर कभी, यार पुराने नहीं आते !
शहर की फ़िज़ाओं से बच कर रहिये दोस्त,
आग लगाने आते हैं लोग, बुझाने नहीं आते !
बेहतर, भूल जाओ गुज़रे लम्हों को दोस्त,
क्योंकि लौट कर फिर, वो जमाने नहीं आते !!!