गिर के फिर संभलने का, मज़ा ही कुछ और है ,
अपने पैरों से चलने का, मज़ा ही कुछ और है !
प्यार में चोट खाने का अफसोस न करो दोस्त, #मोहब्बत में बिछड़ने का, मज़ा ही कुछ और है !
ज़िन्दगी जीने के लिए कोई तिकड़म न लगाइये,
सिर्फ अपनी तरह जीने का, मज़ा ही कुछ और है !
अपने अमोल रिश्तों को दौलत से न तौलिये कभी,
अपनों के आगे झुकने का, मज़ा ही कुछ और है !
भरी पड़ी है ये दुनिया अनेकों लम्पटों से दोस्त ,
उनसे ईमान बचा रखने का, मज़ा ही कुछ और है !
Jee Chahta Hai Tum Se Pyari Si Baat Ho,
Haseen Chand Tare Ho, Lambi Si Raat Ho...
Fir Raat Bhar Yahi Guftagu Rakhein Hum Dono,
Tum Meri #Zindagi Ho, Tum Meri Kayinat Ho!
कभी क़ातिल रिहा, कभी मासूम लटक जाता है,
फरेबों के सहरा में, बेचारा सच भटक जाता है !
शराफ़त की औकात कुछ भी नहीं जमाने में,
बदमाशियों के आगे, सब कुछ अटक जाता है !
अजीब सा आलम है इस बेसब्र शहर का यारो,
यहां ज़रा सा मसला भी, दिलों में खटक जाता है !
लोग बिछाते हैं जाल कुछ इस कदर फरेबों का,
कि #ज़िन्दगी का सफ़र, अधर में अटक जाता है !
ये दुनिया वो दुनिया नहीं जिसकी तलाश है हमें ,
इसमें घुसते ही प्राणी का, साहस ठिठक जाता है !!!