Wo Mili Bank Mein
आज बरसों बाद वो मिली
भी तो सिर्फ #Bank में।
अब तुम ही बताओ यारों
हम Bank में #मोहब्बत करते
या 1000/500 के नोट बदलते.....
आज बरसों बाद वो मिली
भी तो सिर्फ #Bank में।
अब तुम ही बताओ यारों
हम Bank में #मोहब्बत करते
या 1000/500 के नोट बदलते.....
हर किसी ने चेहरे पे अब, मुखौटे लगा रखे हैं !
किसी ने मुस्कान, किसी ने ग़म सजा रखे हैं !
अंदर की असलियत भला कैसे जान पाएं हम,
अब लोगों ने अपने दिलों पर, पर्दे लगा रखे हैं !
घूमते हैं भेड़िये अब आदमी की शक्ल में यारो,
उसने #दिल में फितरतों के, तूफ़ान सज़ा रखे हैं !
न रहीं आसान अब ज़िन्दगी की वो राहें,
रोकने के लिए राहों में, अब कांटे बिछा रखे हैं !
टीचर: गोलू RBI गवर्नर का नाम बताओ?
गोलू: नहीं मालूम मैडम।
टीचर: अरे वही जो नोटों पर लिखा होता है।
गोलू: पता है, सोनम गुप्ता बेवफा है।
अभी तो नोंटों को बदला है,
अब देश बदलने की बारी है।
तुम सबका जो साथ रहा तो,
अब लाहौर की करनी तैयारी है।
देश हित में कष्ट उठा लो,
देशभक्त का फर्ज निभा लो।
अब तो न तुमको सरहद जाना है,
न करनी गोली बारी है।।
जमीं पे रह कर, आसमां झुकाने की फितरत है मेरी !
जो न मिल सका किसी को, पाने की हसरत है मेरी !
न चला हूँ मैं अकेला न चलूँगा कभी आगे भी दोस्तो,
ख़ुदाया दुनिया का प्यार, पाने की बस हसरत है मेरी !
ये ज़िन्दगी का सफर तो ग़मों का समन्दर है यारो,
पर इस राह की हर जोखिम, उठाने की आदत है मेरी !
मेरे अहसास को कोई समझे या न समझे ग़म नहीं,
मगर बुझते हुए चरागों को, जलाने की आदत है मेरी !
कोई माने या न माने ये तो दीगर सी बात है,
मगर यूंही हस्र नफरतों का, बताने की फितरत है मेरी !!!