Note Badalva De Galib
बदलवा दे मेरे नोट ए ग़ालिब,
या वो जगह बता दे, जहाँ कतार न हो।
उमर-ए-दराज़ माँग कर लाये थे चार दिन,
दो कमाने में लग गए और दो बदलवाने में !!!
बदलवा दे मेरे नोट ए ग़ालिब,
या वो जगह बता दे, जहाँ कतार न हो।
उमर-ए-दराज़ माँग कर लाये थे चार दिन,
दो कमाने में लग गए और दो बदलवाने में !!!
किसी को बेसबब, यूं सताने की कोशिश न करो !
अपनी गलती पे, मुँह छुपाने की कोशिश न करो !
बिता दो ज़िन्दगी बस मोहब्बत के सहारे यारो,
यूं ही झूठे सपनों को, सजाने की कोशिश न करो !
ये ख्वाहिशों के मेले तो न होंगे ख़त्म मरने तक,
जो मिल गया है, उसे गवाने की कोशिश न करो !
न बदलो जश्ने #ज़िन्दगी को यूं ही रुसबाइयों में,
जज़्बात ए #दिल को, दिखाने की कोशिश न करो !
गर बदलोगे ख़ुद तो बदलेगा ज़माना भी दोस्तों,
व्यर्थ औरों को यूं, बदलवाने की कोशिश न करो !!!
ये #ज़िंदगी के खेल भी, कितने अजीब होते हैं !
सच्चाई की राह में, हमेशा काँटे नसीब होते हैं !
न चाहता है कोई भी अपनों से दूर होना मगर,
देते हैं वही धोखे, जो ज़िगर के करीब होते हैं !
ठुकराते हैं जो किसी को भी दौलत के नशे में,
सच्चाई तो ये है, कि वो #दिल के गरीब होते हैं !
जो ढूढने लगते हैं खोट अपनों के दिलों में भी,
यारो वो लोग तो, सचमुच में बदनसीब होते हैं !!!
किसी ने हम से पूछा
इतने छोटे से दिल में
इतने सारे दोस्त कैसे समां जाते हैं;
हम ने कहा
वैसे ही जैसे छोटी सी हथेली में
सारे #जिंदगी की लकीरें समां जाती हैं