चलो हंसने की कोई, हम वजह ढूंढते हैं,
जिधर न हो कोई ग़म, वो जगह ढूंढते हैं !
बहुत उड़ लिए ऊंचे आसमानों में यारो,
चलो जमीं पे ही कहीं, हम सतह ढूंढते हैं !
छूटा संग कितनों का ज़िंदगी की जंग में,
चलो उनके दिलों की, हम गिरह ढूंढते हैं !
बहुत वक़्त गुज़रा भटकते हुए अंधेरों में,
चलो अँधेरी रात की, हम सुबह ढूंढते हैं !!!
मकां तो मिलते हैं मगर, कोई भी घर नहीं मिलता !
अब ईंट और गारे में, दिलों का असर नहीं मिलता !
सब कुछ पाने की ललक तो दिखती है हर जगह,
पर कहीं ख़ुदा के दिए, हिस्से में सबर नहीं मिलता !
अब तो करते हैं लोग दोस्ती सिर्फ मतलब के लिए,
जो #ज़िन्दगी भर निभा दे, वो हमसफ़र नहीं मिलता !
किसी के सुख से ग़मज़दा मिल जाएंगे हज़ारों लोग,
पर किसी के दुःख में भी रोये, वो अक्सर नहीं मिलता !
खूबियाँ और खामियाँ, इंसान की फितरत है,
कामयाबी पाने की हर #दिल में हसरत है ,
खामियों को छोड़ दें हम ,खूबियों को अपना लें,
ऊंचाईयां पाने को, ऐसी सोच की ज़रूरत है...