दुनिया में किसी का कोई, ग़म बंटाने नहीं आता,
कोई लफ़्ज़ों का मरहम भी, अब लगाने नहीं आता !
बाद मरने के निकल आते हैं जाने कितने रिश्ते,
अफ़सोस कोई जीते जी, रिश्ता निभाने नहीं आता !
दोस्ती ही काम आती है #ज़िन्दगी में एक हद तक,
वरना तो कोई अपना, झलक दिखलाने नहीं आता!
दूर वालों से भला क्या गिला शिकवा करें हम
अब तो पडोसी भी, अपना फ़र्ज़ निभाने नहीं आता !!!
बन्दा Girls होस्टल में #Chocolate बेचने गया
एक नही बिकी
किसी ने सलाह दी :-
सामने Boys हॉस्टल में जा
वहाँ सब बिक जाएँगी
ये लड़किया खरीद कर नही खाती :D :P
औरों के लिए बुनता है, कपट का जाल आदमी,
मगर खुद ही फंस कर होता है, बेहाल आदमी !
ज़िन्दगी भर भुगतता है वो अपने ही करम को,
पर फिर भी न बाज़ आता है, बेखयाल आदमी !
कभी करता है धोखा वो सच्ची #मोहब्बत में भी,
तो बनाता है झूठ को भी सच, ये कमाल आदमी !
कभी खो जाता है दुनिया की भीड़ में बस यूं ही,
तो कभी दुनिया में बनता है, एक मिसाल आदमी !
कभी रुलाता है औरों को तो कभी रोता है ख़ुद भी,
मित्रो कुछ ऐसा है अनपूंछा, एक सवाल आदमी !!!
लोग अक्सर पूछते हैं
तुम्हारी बहुत "निन्दा" हो रही है।
मेरा एक ही जवाब होता है,
"निन्दा" उसी की होती है जो जिन्दा है,
तारीफ तो अक्सर मरे हुए की होती है !!!
किसी की ज़िन्दगी, किसी को मिटाने का क्या हक़ है,
खुद की ख़ुशी के लिए, औरों को रुलाने का क्या हक़ है !
कोई अपने सफर में गिरे या उठे ये तो है उसकी मर्ज़ी,
पर दौराने सफर, किसी और को गिराने का क्या हक़ है !
कोई न दे किसी को दौलत अपनी तो कोई बात नहीं,
मगर उसे किसी और की, दौलत चुराने का क्या हक़ है !
न चाहिए हमसफ़र तो अकेले ही अकेले चलो दोस्त,
पर किसी का किसी को, रस्ते से हटाने का क्या हक़ है !
कोई छूता है ऊंचाइयां तो किसी को क्या गिला दोस्तो,
पर उसका औरों के सर पर, पांव ज़माने का क्या हक़ है !!!