Mujhe Badnaam Karne Wale
अब अपनी शख़्सियत की,
मैं क्या मिसाल दूँ ।।
ना जाने कितने लोग मशहूर हो गये
मुझे बदनाम करते करते !!!
अब अपनी शख़्सियत की,
मैं क्या मिसाल दूँ ।।
ना जाने कितने लोग मशहूर हो गये
मुझे बदनाम करते करते !!!
खुली आँखों में गुज़र जाती हैं, हमारी रातें अक्सर ,
आँखों में समायी रहती हैं, यादों की बारातें अक्सर !
कभी रास्ते कभी चौराहे तो कभी बरगद के नीचे,
उभर आती हैं ज़ेहन में, अनेकों मुलाक़ातें अक्सर !
कहाँ से चला और कहां आ गया वक़्त का कारवां,
पर यादों में चली आती हैं, जमाने की घातें अक्सर !
बचपन, जवानी और अब उम्र का ये पड़ाव अंतिम,
फिर भी हंसा देती हैं, बचपन की खुराफातें अक्सर !
ये सच है कि #ज़िन्दगी जीना भी एक हुनर है,
पर अफ़सोस किसी को भी, न भाती ये बातें अक्सर !
उदास रहता है मोहल्ले में,
बारिशों का पानी आजकल...
सुना है कागज़ की नाव बनाने वाले
बच्चे बड़े हो गए...
ज़रा सी ज़िन्दगी में, व्यवधान बहुत हैं ,
तमाशा देखने को, यहां इंसान बहुत हैं !
कोई भी नहीं बताता ठीक रास्ता यहां,
अजीब से इस शहर में, नादान बहुत हैं !
न करना भरोसा भूल कर भी किसी पे,
यहां हर गली में यारो, बेईमान बहुत हैं !
दौड़ते फिरते हैं न जाने क्या पाने को,
लगे रहते हैं जुगाड़ में, परेशान बहुत हैं !
ख़ुद ही बनाते हैं हम पेचीदा ज़िंदगी को,
वरना तो जीने के नुस्ख़े, आसान बहुत हैं !
बायफ्रेंड :- तुमने मेरा फोन क्यों नहीं उठाया ??
गर्लफ्रेंड :- अरे बाबा ....! अभी तो सोकर उठी हूं ,
मम्मी ने कॉफी लाकर दी है , वही पी रही हूं !! "
बायफ्रेंड :- लेकिन आंटी तो बोल रही थीं
कि तुम बर्तन मांज रही हो !!! :D :P