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Zindagi Mushkilon Mein

कभी ख्वाहिशों ने, फंसाया ज़िन्दगी को
तो कभी ज़रूरतों ने, रुलाया ज़िंदगी को !
कभी राह में गैरों ने बिछाए कांटे दोस्तो,
तो कभी अपनों ने, छकाया ज़िन्दगी को !
कभी ख्वाबों में खुश हो लिए हम यूं ही,
तो कभी हक़ीक़तों ने, सताया ज़िंदगी को !
कभी ख़ुशी के रंगों से पुलकित हुआ दिल,
तो कभी मुश्किलों ने, हराया ज़िन्दगी को !
कभी चढ़ते गए #मंज़िल की सीढियाँ ,
तो कभी दुश्मनों ने, गिराया ज़िन्दगी को !

Khushiyon Ka Dushman Zamana

खुशियों का दुश्मन, जमाना क्यों बन बैठा !
जिसको भी चाहा, वही बेगाना क्यों बन बैठा !
रहता है कश्मकश में ज़िन्दगी का हर लम्हां,
ये #जीवन यादों का, #सफरनामा क्यों बन बैठा !
#ज़िंदगी की किताब के बचे हैं आखिरी पन्नें,
उनका पढ़ना भी, एक फ़साना क्यों बन बैठा !
देखा था #ख़्वाब हमने भी हसीन ज़िन्दगी का,
मगर मरना ही, जीने का बहाना क्यों बन बैठा !

Chahat Ka Paigam Likha Tha

Kabhi Usne Bhi Humein #Chahat Ka Paigam Likha Tha,
Sab Kuch Usne Apna Hamare Naam Likha Tha,
Suna Hai Aaj Unko Hamare Zikar Se Bhi Nafrat Hai,
Jisne Kabhi Apne Dil Par Hamara Naam Likha Tha !!!

Chadhte Sooraj Ko Salam

चढ़ते हुए सूरज को, सभी झुक कर सलाम करते हैं
मगर जब डूब जाता है वो, तो घर पे आराम करते हैं
जब तक शान है किसी की लोग करते है गुणगान,
पर जब बदलता है वक़्त, तो दूर से सलाम करते हैं
कल तक गुणों की खान हुआ करते थे जिनके लिए,
वही आज बता कर आवारा, हमको बदनाम करते हैं
कैसे हैं लोग कैसी है अजीबो गरीब फ़ितरत उनकी,
कभी कभी तो यहां, अपने भी गैरों सा काम करते हैं...

Nafrat To Unse Hai

नफरत हमें उनसे नहीं,
जो हमारे न हुए।
#नफरत तो हमें उनसे है,
जो देश का खाकर,
देश के न हुए।।
जय हिन्द जय भारत