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Wo bhagwan kehlata hai

उतार चढ़ाव तो हर शख्स की
#जिन्दगी में आता है....
जो #सम़झ सके इस बात को
वही #इन्सान कहलाता है...
गलतियाँ तो सभी से होती है #जिन्दगी में
यारो, जो गलती ना करे
वो #भगवान कहलाता है...
भरे हुए है #दुनिया में भी #मूर्ख लोग
जो समझ सके #इशारा
वो #समझदार कहलाता है,
समझती है दुनिया जिसे तुच्छ इंसान,
एक दिन इसी दुनिया में
वो #महान कहलाता है..

Dard koi nahi samajhta

क्या गुज़री है दिल पर, कौन समझता है
किसी और का दर्द, भला कौन समझता है
खो गए गमों की भीड़ में मेरा #नसीब था,
किसी और के अज़ाब, भला कौन समझता है
मेरा नाज़ुक सा #दिल रोने लगता है यूं ही,
उस मूर्ख का यूं रोना, भला कौन समझता है
सब जीते मरते हैं यहाँ सिर्फ अपने लिये
यहाँ औरों के हालात, भला कौन समझता है...

Insaan ko laash bana dia

लोगों ने भी #मोहब्बत का #मज़ाक बना दिया,
किसी ने #गुड़ को चीनी तो #चीनी का बताशा बना दिया...
छुपा दी असलियत उसकी #लोगों ने ना जाने क्यूँ,
उन्होंने तो #दिल को खेलने का #खिलौना बना दिया...

लगाए है #मुखौटे ऐसे #लोगों ने कि,
पहचान ना सके कोई तो #मुखौटा भी #मनमोहक बना दिया...
निभाएँ है #रिश्तें कुछ इस कदर कि,
अपनों को #गैर और ग़ैरों को #अपना बना दिया...
#मतलब की दुनिया में #पैसे की #कद्र होती है,
जिन्दा #इन्सान को यहाँ लोगों ने #लाश बना दिया...

Bahu Bhi To Beti Hai

आज का सवाल‬
जो #माँ है वही तो #सास है..!!
फिर माँ क्यों अच्छी
और सास क्यों बुरी हैं ?
जो #बेटी है वही तो #बहू है..!!
फिर बेटी क्यों लाडली और बहू क्यों बुरी है ?
अगर जवाब होगा तो बताइयेगा जरूर

Khushiyon ke wo pal

तुम मुझे खुशियों के वो पल दोबारा दे दो
मेरी डूबती नैया को ज़रा सा सहारा दे दो
मुद्दत सी गुज़र गयी हमें अकेले अकेले,
बस इक बार अपनी झलक का नज़ारा दे दो
भले ही गुलाब फैले हैं तुम्हारे दामन में,
मुझे खुशबू नहीं बस यादों का पिटारा दे दो
मैं तो दर्द के दरिया में अब डूबने लगा हूँ,
बस बढ़ा के हाथ अपना मुझे किनारा दे दो