Tujhe paane ki jidd iss liye nahi karte ki tujhe khone ko dil nahi karta
tu milta hai to iss liye nazrein nahi uthate ki phir tujhse nazrein hatane ko dil nahi karta
Dil ki baat iss liye tujhse nahi kehte ki apna dil dukhane ko dil nahi karta
khwabo mein is liye tujhko nahi sajate ki phir neend se jagne ko dil nahi karta
हम उजड़े हुए दिल को, चमन बनाने से डरते हैं
अपने मन के उपवन में, फूल खिलाने से डरते हैं
न जाने कितनों के दिल राख होंगे,
तभी तो अपने दिल में, किसी को बिठाने से डरते हैं
मेरे नसीब में खुशी न हो तो कोई बात नहीं
मेरे लवों पर हंसी न हो तो कोई बात नहीं
मैं तो खुश हूं दोस्तों की हंसी से,
मेरे लिये उनकी खुशी से बड़ी कोई बात नहीं
मुझे बड़ा दिल नहीं बस बड़ा घर चाहिये
मुझे झूठे सपने नहीं बस हकीकत चाहिये
प्यार से किसी का पेट नहीं भरता
मुझे चाहते हो तो बस कुछ करके दिखाइये
अब प्यार की खातिर बड़ा घर कैसे बनाएं
इस मंहगाई में सपने हकीकत कैसे बनाएं
उन्होंने तो शर्त लगा दी प्यार में,
कोई तो बता दे हमको, हम प्यार कैसे बचायें
एक उजड़े हुए चमन में, कभी फूल नहीं खिला करते
कंगाल के घर में कभी, जवाहरात नहीं मिला करते
लोग कहते हैं, प्यार का अहसास भरो लफ्ज़ों में
पर जर्ज़र हुए दिलों में प्यार के रंग नहीं मिला करते