Ye Mohabbat Koi Khel Nahi
#Sanam Teri #Nafrat Mein Wo Dam Nahi,,,
Jo Meri #Chahat Ko Mita De...
Ye #Mohabbat Hai Koi Khel Nahi,
Jo Aaj Hans Ke Khela Aur Kal Ro Ke Bhula De....
#Sanam Teri #Nafrat Mein Wo Dam Nahi,,,
Jo Meri #Chahat Ko Mita De...
Ye #Mohabbat Hai Koi Khel Nahi,
Jo Aaj Hans Ke Khela Aur Kal Ro Ke Bhula De....
खिंची चली आती हैं तितलियाँ, फूलों के क़रीब
भंवरे भी छेड़ते हैं अपनी तान, फूलों के क़रीब
भला कोंन जाता है कांटों की चुभन सहने को,
उनसे बच कर निकल जाना ही, होता है मुफीद
मुस्कराते चेहरों पर दीवानी हो जाती है दुनिया,
कोंन झांकता है भला, रोते हुए चेहरों के क़रीब
जीना है तो क्यों न मुस्करा के जीओ दोस्तो,
हो जायेगा मुरीद वो भी, जिसको कहते हो रक़ीब...
काश ज़िंदगी भी एक किताब होती
और ये उम्र अपनी बे हिसाब होती
जो चाहते वो पन्ना पलट देते हम
अपनी जिंदगी बस अपने हाथ होती
भला यूं ही ख्वाब क्यों देखता कोई
फिर तो सारी कायनात साथ होती
दुख का पन्ना फाड़ देते किताब से
हर वक़्त खुशियों की बरसात होती
हम जुदाई का शब्द ही मिटा देते
हर वक़्त अपनों से मुलाकात होती
काश ज़िंदगी…
Mohabbat yahan bikti hai aur ishq neelaam hota hai,
Bharose ka katal yahan khule aam hota hai.
Zamane se thokar milli to chale hum maikhane mein,
Aur wahi zamana hame sharabi sare aam kehta hai...
आज के बच्चे, ज्यादा सयाने हो रहे हैं
वो कुछ अलग से ही, रंग में खो रहे हैं
भूल गये हैं वचपन की कहानियाँ वो,
कुछ तो अपने मां बाप से, दूर हो रहे हैं
चिढ़ाते हैं वे युगान्तर की बात कहकर,
आधुनिकता के नाम पर, बर्बाद हो रहे हैं
सादा सी ज़िंदगी रास नहीं आती उन्हें,
वो अंग्रेजियत के, काफी करीब हो रहे हैं
बुरा नहीं है जमाने के साथ चलना यारो,
पर चादर से बाहर, उनके पाँव हो रहे हैं...