Paraye Apne Nazar Aate Hain
उनींदी आँखों में, कुछ सपने से नज़र आते हैं
कुछ तो पराये से, कुछ अपने से नज़र आते हैं
ख़यालों की तासीर भी बड़ी अजीब होती है ,
वो पराये हैं फिर भी, अपने से नज़र आते हैं <3
उनींदी आँखों में, कुछ सपने से नज़र आते हैं
कुछ तो पराये से, कुछ अपने से नज़र आते हैं
ख़यालों की तासीर भी बड़ी अजीब होती है ,
वो पराये हैं फिर भी, अपने से नज़र आते हैं <3
Manzil Insaan Ke Hausle ko Ajmati Hai .
Sapnon Ke Parde Ankhon Se Hatati Hai
Kisi Bhi Baat Se Himmat Na Harna…
thokar hi Insaan Ko Chalna Shikhati Hai...
कोयले के टुकड़े, जमा करते रहे हीरा समझ कर
अपनों को सम्हाले रहे, नायाब नगीना समझ कर
अफसोस कोई भी खरा न उतरा अपनी कसौटी पर,
बस भूल कर बैठे हम, पानी को पसीना समझ कर
दुनिया बड़ी अजीब है किसी पर भरोसा क्या करिये,
आंसू न दिखाइये अपने, किसी को अपना समझ कर
जब तक ज़रूरत नहीं हर शख्स नज़र आता है दोस्त,
पर वक़्त आने पर, खिसक जाते हैं अंजाना समझ कर
बस यही है चलन इस अनौखी सी दुनिया का "मिश्र",
डुबाता है वही नैया, जिसे पतवार दी अपना समझ कर..
Koi Subah aati hai tumhari yaad lekar,
Koi shaam jati hai tumhari yaad dekar,
Hamein to us Subah ka intezaar hai,
Jo aaye tumhein apne saath lekar <3
खुशियों की महफिल भी, कहर नज़र आती है
किसी की मीठी ज़ुबां भी, ज़हर नज़र आती है
जब टूटता है #दिल तो न भाती ये दुनिया,
संभलने की हर कोशिश, बे असर नज़र आती है..