Thokar zindagi badal deti hai
छोटी सी एक भूल, ज़िंदगी के हालात बदल देती है
प्यारी सी मुस्कान, ग़मों को खुशी में बदल देती है
ठोकर लगने से परेशान क्यों होते हो ?
कभी कभी एक ठोकर, ज़िंदगी की राह बदल देती है
छोटी सी एक भूल, ज़िंदगी के हालात बदल देती है
प्यारी सी मुस्कान, ग़मों को खुशी में बदल देती है
ठोकर लगने से परेशान क्यों होते हो ?
कभी कभी एक ठोकर, ज़िंदगी की राह बदल देती है
खुशियाँ बटोरने से नहीं, उन्हें बांटने से मिलती हैं
दौलत की खुशी रखने से नहीं, खर्चने से मिलती है
खुशियों बाज़ार में नहीं मिलतीं दोस्तो,
खुशियाँ तो गैरों को भी, अपना बनाने से मिलती हैं
आज वक़्त अच्छा है, तो ज़रा सा संभल कर चलिये
बुरा वक़्त भी आ सकता है, ये बात मान कर चलिये
जब मुश्किलों के अंधरे लगें घेरने तब के लिये,
दौलत की रोशनी व अपनों का साया, बचा कर चलिये
वक़्त कब बदल जाये किसको क्या पता यारो,
कल के सफ़र के लिये भी, आज राहें बना कर चलिये
न करो आज ऐसा जो कल को बिगाड़ दे ,
चाहिये सुकून कल, तो आज दुनिया से बना कर चलिये
रहो सब के #दिल में ऐसे कि
जो भी मिले तुम्हें अपना समझे,
बनाओ सबसे रिश्ता ऐसा कि
जो भी मिले, फिर से मिलने को तरसे,,,
#दोस्त तो मिल जायेगें लाखों
इस दुनिया में मगर,
निभाओ #दोस्ती ऐसी कि लोग तुम्हें
दोस्त नहीं अपना मुकद्दर समझें.....
अलग अपना घर बसा कर क्या मिला हमको
रिश्तों को अकारण तोड़ कर क्या मिला हमको
कभी कितना विशाल था अपने घर का आंगन
पर टुकड़ों में उसको बांट कर क्या मिला हमको
मुस्कराते थे कभी कितने फूल मन उपवन में
पर खुद ही उसे बरबाद कर क्या मिला हमको
सबसे अलग दिखने की चाहत का क्या कहिये
पर खुद को यूं मशहूर कर क्या मिला हमको
सोचता होगा भगवान भी सर पकड़ कर,
कि इस इंसान को बना कर क्या मिला हमको ?