Dard bhi dawa ban jata hai
एक हद के बाद, दर्द भी दवा बन जाता है
एक हद के बाद, झूठ भी सच बन जाता है
यही है असलियत जिंदगी की,
एक हद के बाद, दुश्मन भी दोस्त बन जाता है...
एक हद के बाद, दर्द भी दवा बन जाता है
एक हद के बाद, झूठ भी सच बन जाता है
यही है असलियत जिंदगी की,
एक हद के बाद, दुश्मन भी दोस्त बन जाता है...
जो दूर से दिखता है असल में वैसा नहीं होता
जो चेहरे पर झलकता है अंदर वैसा नहीं होता
हर चीज़ की अहमियत मत आँकिये पैसे से,
दुनिया में हर चीज़ की कीमत #पैसा नहीं होता...
हर किसी को अपना दोस्त बनाया नहीं जाता
हर किसी को दर्द ए दिल सुनाया नहीं जाता
कुछ लोग शहर में होकर भी याद नहीं आते
पर कुछ को #परदेस में भी भुलाया नहीं जाता...
अपने हाथ की लकीरों के भरोसे मत बैठो
खुदा की रेहनुमाई के भरोसे मत बैठो
अपने हाथों से लिखो #तकदीर अपनी,
खुदाया किसी और के भरोसे मत बैठो...
ज़िंदगी में हर किसी को, हर चीज़ नसीब नहीं होती
किसी को मकां तो किसी को, दुकां #नसीब नहीं होती
जिल्लतों के अलावा क्या रखा है ज़िंदगी में,
हर किसी को ऊपर वाले की, दुआ नसीब नहीं होती