जब गर्दिश के भंवर में फंस जाओ,
तो धैर्य का दामन मत छोड़ो
जब खुशियों का सहारा मिल जाये,
तो अपनों का दामन मत छोड़ो
चाहे संकट आये या खुशियाँ बरसें,
पर यारों का दामन मत छोड़ो
जो है नसीब में वो मिल जाएगा,
पर ईमान का दामन मत छोड़ो...
ग़र्दिश के गहरे सागर में से, बस खुशी का रतन तलाश करो
पतझड़ के भीषण मौसम में भी, फूलों की बहार तलाश करो
ग़म के साये दूर करो नफरत से क्या मिलना यारो,
नफरत के बहते दरिया में भी, एक प्यार की धार तलाश करो
हवाओ सावधान, अपना रास्ता बदल कर निकल जाओ
ना बदल सको दिशा, तो शहर के ऊपर से निकल जाओ
फिज़ाओं में ज़हर घोल रही है हैवानियत,
मेहरवानी होगी अगर, मेरे शहर को बचा के निकल जाओ
दुनिया के इस चमन में, अब कुछ भी हमारा नहीं
कोई और ही देखेगा #बहार, ये वक़्त अब हमारा नहीं
हर फूल को कितने #प्यार से संभाला था हमने,
पर फूल तो फूल, अब #महक पर भी हक़ हमारा नहीं