मुझे बड़ा दिल नहीं बस बड़ा घर चाहिये
मुझे झूठे सपने नहीं बस हकीकत चाहिये
प्यार से किसी का पेट नहीं भरता
मुझे चाहते हो तो बस कुछ करके दिखाइये
अब प्यार की खातिर बड़ा घर कैसे बनाएं
इस मंहगाई में सपने हकीकत कैसे बनाएं
उन्होंने तो शर्त लगा दी प्यार में,
कोई तो बता दे हमको, हम प्यार कैसे बचायें
ज़िंदगी एक ख़्वाब है, कभी भी टूट सकता है
हुस्न का भी क्या भरोसा, कभी भी रूठ सकता है
ज़िंदगी गुब्बारा है, अहसास की हवाओं का
प्यार से पकड़ो, वरना कभी भी फूट सकता है