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Khud bhi badalna seekho

समय के साथ, खुद भी तो बदलना सीखो,
दुनिया के ढांचे में, खुद भी तो ढलना सीखो !

हर कदम पे मिलते हैं अजब किरदार अब,
वो कोंन कैसा है, खुद भी तो परखना सीखो !

करता है फ़ना खुद को वो औरों की खातिर,
तुम दीये की तरह, खुद भी तो जलना सीखो !

मिटा देती है हस्ती वो हमारी जीभ की खातिर,
कभी चीनी की तरह, खुद भी तो घुलना सीखो !

बरसता है बादल जमीं की ज़रुरत समझ कर,
औरों की ज़रूरतें, खुद भी तो समझना सीखो !

हर पत्थर समझता है कि इमारत उसी से है,
ऐसी ग़लतफ़हमी से, खुद भी तो बचना सीखो !

क्यों देखते हो हर किसी में सिर्फ कमियां ,
खुद में ख़ास क्या है, खुद भी तो मथना सीखो !

Ek Jhalak Kya Mili

एक 😍 हल्की सी 💓 झलक क्या मिली 
बेचैन 😔 #नज़रों 👀 को
#हज़ारों 👍 ख़्वाब 🗨 #दिल ❤ ने
देख डाले 👁 चंद ✌ #लम्हों मे

intzaar aaj bhi hai

उनका तो आज भी, इंतज़ार है हमको ,
उनसे आज भी बेपनाह, #प्यार है हमको !

इक दिन तो जरूर आएंगे लौट कर वो,
यारो इतना तो दिल में, क़रार है हमको !

हमने भी खेला है जुआं #ज़िंदगी का यारो,
जीतेंगे ये बाज़ी ज़रूर, ऐतबार है हमको !

रूठे हैं गर तो मनाने की जिद है हमारी,
वो देंगे गर सजा भी, स्वीकार है हमको !

वक़्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता,
वो बदलेगा जरूर, बस इन्तज़ार है हमको !

Aaj Bhi Hai Intzaar

Wo Khushi Thi Umeed Thi
Ek Ehsaas Tha...
Baad Mein Ye Ghuman Hua
Bas Pal Do Pal Ka Saath Tha
Rehta Hai Aaj Bhi Intzaar
Is Aankh Ko Kisi Apne Ka
Wo Ja Kar Aaj Bhi Saath Hai
Jo Kabhi Hamare Pass Tha...

Dastoor nibhaya humne

हर दस्तूर इस ज़माने का, निभाया हमने,
मगर न पा सके वो यारो, जो चाहा हमने !

न आये कभी काम जिन्हें समझा अपना,
पर उनके हर इशारे पे, सर झुकाया हमने !

बहुत रंग देखे हैं हमने ज़िन्दगी के दोस्तो,
पर उसका न कोई रंग, समझ पाया हमने !

न समझती है ये दुनिया अब दर्द के आंसू,
न कोई मेहरवां दुनिया में, ढूढ़ पाया हमने !

"मिश्र" ज़िन्दगी लगा दी अपनों के फेर में,
पर करें यक़ीं किस पर, न जान पाया हमने !