Lahu Ka Daur Hai
मयखाने से पूछा आज,
इतना सन्नाटा क्यों है,
मयखाना भी मुस्कुरा के बोला,
लहू का दौर है साहब,
अब शराब पीता कौन है!
मयखाने से पूछा आज,
इतना सन्नाटा क्यों है,
मयखाना भी मुस्कुरा के बोला,
लहू का दौर है साहब,
अब शराब पीता कौन है!

आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो 😍,
जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो,
दूरियों के होने से कोई फर्क नही पड़ता,
आप कल भी हमारी थी और आज भी हमारी हो 😘

#ज़िन्दगी वक़्त के बहाव में है
यहां हर आदमी तनाव में है
हमने लगा दी पानी पर तोहमत
यह नहीं देखा कि छेद नाव में है !!!
वक़्त संभला, तो दुश्मन भी यार हो गए,
पर ख़ास अपनों के चेहरे, बेज़ार हो गए !
वो दोस्त हुआ करते थे कभी फाकों में,
मगर पेट भरते ही, दौलत के यार हो गए !
न भाता उन्हें तो अब यारों का चेहरा भी,
कभी फूल हुआ करते थे, अब खार हो गए !
अब खो गए वो भी इस मतलबी दुनिया में,
बदवक़्त के साथी भी, अब बदकार हो गए !
कैसे बिकता है ईमान इधर देखा है हमने,
अब तो लोग खुद ही, खुला बाज़ार हो गए !
बन के बरगद जिन्हें छांव दी हमने,
उनकी ही कुल्हाड़ी के, हम शिकार हो गए !