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Khushiyon ki barsaat hogi

कभी बात भी होगी, कभी बे बात भी होगी,
ज़िन्दगी लम्बी है यारो, मुलाक़ात भी होगी !

ये ग़मों के सिलसिले न रहेंगे हमेशा दोस्त,
कभी न कभी, खुशियों की बरसात भी होगी !

ज़िन्दगी की राहों में ज़रा सा संभल कर चलिए,
स्वागत में उधर, काँटों की बारात भी होगी !

ये खेल है ज़िन्दगी का ज़रा हिम्मत से खेलिए,
कभी जीते हो ठाठ से, तो कभी मात भी होगी !

आँखें खोल कर रखना ज़रा अपनों से,
सामने से मोहब्बत, पर पीछे से घात भी होगी !

Rishton Ko Batayein Kaise

गुलशन में लगी आगों को, हम बुझाएं कैसे,
इन #मोहब्बत के परिंदों को, हम बचाएं कैसे !

आँगन में लगे होते तो उखाड़ देते हम यारो,
मगर #दिल में उगे ख़ारों को, हम हटाएँ कैसे !

होता अँधेरा अगर घर में तो जला देते शमा,
पर दिल में भरे अंधेरों को, हम मिटायें कैसे !

न समझा कभी जिसने #नफ़रत के सिवा कुछ,
उनके दिल में मोहब्बतों को, हम बसाएं कैसे !

अब न मिलती इंसानियत ढूढ़ने से कहीं भी,
अब लोगों के सोये ज़ज़्बों को, हम जगाएं कैसे !

अपनी बुलंदियों के गुरूर में ग़ाफ़िल हैं "मिश्र",
फिर जमीं से उनके रिश्तों को, हम बताएं कैसे !

Khaab Mein Bulaya

अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,
हर ख्वाब मे बुलाया है तुझे...
क्यू न करे याद तुझको,
जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे !!!

Khushiyon Ki Chahat

गर मंज़िल पास लानी है, तो ख्वाहिशें कम कर दो,
चाहत है अगर खुशियों की, तो रंजिशें कम कर दो !

अब दिखता है हर तरफ फिरकापरस्ती का आलम,
अगर जीना है तुम्हें चैन से, तो साजिशें कम कर दो !

ये सब दौलतें ये सौहरतें तो रहमत है बस खुदा की,
गर चाहो मोहब्बत सब की, तो नुमाइशें कम कर दो !

हर किसी को हक़ है कि जीए ज़िन्दगी अपनी तरह,
बचाये रखनी है अगर इज़्ज़त, तो बंदिशें कम कर दो !

सुकूँ हरगिज़ नहीं मिलता किसी को सताने से "मिश्र",
पानी है दोस्ती की दौलत, तो आजमाइशें कम कर दो !

Jeet Par Guman

इतना भी  गुमान न  कर
अपनी जीत पर ऐ बेखबर
शहर में तेरी जीत से ज्यादा
चर्चे तो मेरी हार के हैं !!!