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Zindagi Jala Di Humne

Zindagi Jala Di Humne hindi shayari status

#जिंदगी जैसे जलानी थी
वैसे जला दी हमने गालिब,,,

अब धुएँ पर बहस कैसी
और राख पर ऐतराज कैसा !!!

Kab tak rahega

दौर ए गर्दिश का असर, कब तक रहेगा
यूं ही उलझनों का सफर, कब तक रहेगा
कभी तो टूटेगा आदमी का हौसला यारो,
न जाने आफतों का कहर, कब तक रहेगा,
ज़िंदगी लगा दी हमने ज़िंदगी की खोज में,
आखिर मरने जीने का डर, कब तक रहेगा
जिसने मुद्दतें गुज़ार दीं हवाओं से झगड़ते,
आखिए वो बूढा सा शज़र, कब तक रहेगा
भटकता है दिल रौशनी की चाह में हरदम,
आखिर इन अंधेरों का डर, कब तक रहेगा
भुला दी है सब ने "मिश्र" मोहब्बत की भाषा,
आखिर ये नफरतों का ज़हर, कब तक रहेगा

Nakhre bemisaal dekhe hain

अपनी ज़िन्दगी ने, कितने ही बवाल देखे हैं !
जो थे कभी अपने, उनके भी कमाल देखे हैं !
वक़्त बिगड़ते ही फेर लीं जिसने नज़र यारो,
इन आँखों ने कभी, उसके भी हवाल देखे हैं !
न रही इन आँखों में तलब दीदार की अब,
पर क़रीब से कभी, हमने भी जमाल देखे हैं !
न हुए कभी पूरे जो देखे थे ख्वाब हमने भी,
हमने हसीनों के, नखरे भी बेमिशाल देखे हैं !
दिल में उभरते हैं कभी उल्फत के उजाले,
मगर नफ़रत, के अँधेरे भी बेमिशाल देखे हैं !
न पड़ो "मिश्र" इस मोहब्बत के पचड़े में तुम,
हमने दिवानों के, चेहरे भी बदहवाल देखे हैं !!!

Foolon Ki Chahat Mein

फूलों की चाहत में हम, ख़ारों से प्यार कर बैठे,
देखे तितलियों के रंग, तो भोरों पे वार कर बैठे !
ख़्वाब-ए-क़ुर्बत में भुला दिया हमने खुद को भी ,
हम ज़िंदगी का हर पल, गुलों पे निसार कर बैठे !
कभी गुलशन में रंग भरने की तमन्ना थी हमारी,
पर क्यों कर न जाने हम, बहारों से रार कर बैठे !
घुसे थे गुलशन में हम तो गुलों के दीदार के लिए,
फंसा के दामन खुद ही, काँटों से तकरार कर बैठे !
गर अपने बस में होता तो रोक देते ख़िज़ाँ को भी,
मगर हम कुदरत के मामलों से, इकरार कर बैठे !

Matalab ki yaari

अगर पाना है कुछ, तो रोना जारी रखिये
अपने चेहरे पे, दिखावे की लाचारी रखिये
मक़सद हो जाये पूरा तो बदल लो चोला,
वरना तो अपनी, ये हिक़मतें जारी रखिये
ज़िन्दगी जीना है तो सीख लो कुछ प्रपंच,
आँखों में कभी पानी, कभी चिंगारी रखिये
एक जैसा आचरण सदा अच्छा नहीं होता,
कभी जुबान हलकी, तो कभी भारी रखिये,
जितना झुकोगे लोग तो झुकाते ही जाएंगे,
ज़रुरत पड़ने पे, अपनी बात करारी रखिये
कोई आ जाये तुम्हारे दर पे मदद पाने को,
कैसे दिखानी है मजबूरी, पूरी तैयारी रखिये
इस दुनिया में जीना भी एक कला है "मिश्र",
मतलब की दुश्मनी, मतलब की यारी रखिये