Page - 63

Jeena Aata Hai Humein

किसी भी हालात में, जीना आता है हमें,
ग़मों को ज़िगर से, लगाना आता है हमें !
जानते हैं कि फितरतें कैसी हैं दुश्मनों की,
मगर हाथ फिर भी, मिलाना आता है हमें !
#ज़िन्दगी गुज़ार दी यूं ही फासलों में हमने,
दूर रह के भी, साथ निभाना आता है हमें !
बेख़बर हैं दिल में उमड़ते शोलों से हम तो,
क्योंकि #चाहत में, दिल जलाना आता है हमें !
ग़म नहीं कि चमन में कुछ भी न बचा दोस्त,
फिजां को खुशगवार, बनाना आता है हमें !!!

Mohabbat piche chhod aaye

मोहब्बत के निशां, हम पीछे छोड़ आये हैं,
ख्वाबों की ज़िंदगी, हम पीछे छोड़ आये हैं !
हम भी चले थे #मोहब्बत की राहों पर कभी ,
पर बे-अंजाम सफ़र, हम पीछे छोड़ आये हैं !
#दिल के मचलने से कभी ज़िंदगी नहीं चलती,
चाहतों का हर सबब, हम पीछे छोड़ आये हैं !
ज़रुरत नहीं हमें किसी के मशविरे की दोस्त,
नसीहतों का दौर तो, हम पीछे छोड़ आये हैं !
जो न था #नसीब में उसे क्या याद करें दोस्त ,
यादों से भरी पोटली, हम पीछे छोड़ आये हैं !

Nafrat Ka Samandar

जिधर देखता हूँ, बेरुखी का मंज़र दिखता है,
मुझे हर तरफ, #नफ़रत का समंदर दिखता है !
ज़िगर को चाक करने बैठे हैं न जाने कितने,
मुझे तो हर किसी के हाथ में, खंज़र दिखता है !
कभी लहलहाती थीं खुशियों की फसलें इधर,
अब तो हर तरफ, वीरान सा बंज़र दिखता है !
कुछ ऐसा बदला है इस ज़माने का दस्तूर यारो,
कि नहीं आता वो बाहर, जो अंदर दिखता है !

Kuch Logon Ki Aadat

कुछ लोगों को, बस कमियां गिनने की आदत होती है,
दूसरों के घर में, झाँक कर निकलने की आदत होती है !
ख़ुदाया भले ही न आता जाता हो उनको कुछ भी मगर,
खुद को हर फन में, माहिर समझने की आदत होती है !
कोंन है दुनिया में जो न जानता ऐसे लोगों की फितरतें,
फिर भी उन्हें जाने क्यों, सुर्ख़रू बनने की आदत होती है !
बच के ही रहने में कुशल है ऐसे कुशल लोगों से दोस्त,
उन्हें बिना मांगे ही, मशवरा देते रहने की आदत होती है !

Wo Pyar Nahi Milta

ढूंढते हैं जिसे हसरतों से, वो प्यार नहीं मिलता,
खार मिलते हैं मगर, गुले गुलज़ार नहीं मिलता
इस दुनिया में मिल जाती है ढूंढने से हर चीज़,
मगर दिल में बस जाये, वो शाहकार नहीं मिलता
ढूंढ लेता है आदमी खुशियाँ औरों के आँगन में,
मगर अफ़सोस, उसे अपना परिवार नहीं मिलता
खुदाया क्या गज़ब है कि माँ भी बाँट दी लोगों ने,
अपने ही घर में उसे, कोई अधिकार नहीं मिलता
खुद भूखी रह कर पाला था जिन बेटों को उसने,
आज अपने ही घर में, भर पेट आहार नहीं मिलता
शर्म आती है मुझे जब देखता हूँ ऐसे वाकये दोस्त,
कैसे बदलेगी ये दुनिया, कोई उपचार नहीं मिलता...