मिलना तो चाहे दिल मगर, इन दूरियों का क्या करें,
हैं ज़िगर में पैबस्त जो, उन मज़बूरियों का क्या करें !
मैं तोड़ डालूं ये बेड़ियाँ ये चाहत है मेरे कदमों की,
पर बेरूख़ी से भरी उनकी, तिजोरियों का क्या करें !
मेरा दर्दे दिल न समझे कोई तो शिकवा नहीं मगर,
बदनाम हम जिनसे हुए, उन मश्हूरियों का क्या करें !
इन फासलों को ले कर कभी होते नहीं रिश्ते फ़ना
पर बनतीं पास रह कर भी, उन दूरियों का क्या करें !
न बदली हैं न बदलेंगी हवाएं इस जमाने की दोस्त,
जब फैली है दुर्गन्ध इतनी, तो कस्तूरियों का क्या करें !!!
पती पत्नी के बीच लड़ाई हुई
पत्नी बाजार जा के #जहर लाई
और खा लिया….
लेकिन वो मरी नही, बिमार हो गई..
पति गुस्से से बोला…
सौ बार कहा है
चीजें देख कर खरीदा करो,
पैसे भी गये, काम भी नही हुआ 😬 😂
हर तरह के 👹 मुखौटे 👺, वो लगाए हुए हैं,
लोग औकात अपनी, यूं छुपाये हुए हैं !
क़त्ल करके भी बेगुनाह बनते हैं वो,
झूठी शराफत के, चश्मे 😎 लगाए हुए हैं !
हर तरफ दिखता है अजब सा समां,
🌹फूलों 🌻 की राहों में, कांटे बिछाए हुए हैं !
अपनों पे क्या यक़ीं कब तक निभाएं,
अंदर तो वो भी, मतलब बसाये हुए हैं !
जो भी दिखता है वो वैसा नहीं है दोस्त,
सब के सब तो,असलियत छुपाये हुए हैं !
अच्छा हुआ कि ख़त्म हुई, अपनी कहानी प्यार की ,
हम छोड़ आये उनके लिए, सारी रवानी बहार की !
न उठाओ फूल कब्र से, गर सूखें तो सूख जाने दो,
अब यही बची है मुझ पे बस, इक निशानी प्यार की !
सोचा था कि बिकती नहीं, उल्फत कहीं बाजार में,
पर दोस्तों ये सच नहीं, कभी सुनना जुबानी यार की !
कागज़ के चंद टुकड़ों से, बदल जाते हैं कैसे दिल,
कभी आ कर मेरे मज़ार पे, सुनना कहानी प्यार की !
यारो होते नहीं पूरे कभी भी, ज़िन्दगी के स्वप्न सारे,
बस मेरी तरह मायूस दिल, लिखता कहानी हार की !!!
संता का बेटा पप्पू: पापा 500 रू दे दो।
संता: ऊए 500 रू का क्या करेगा ? 😕
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पप्पू: एकाउंट खुलवाना है। 😎
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संता: शाबाश, पर तू एकांउट कहां खुलवाऐगा ?
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पप्पू: सिगरेट वाले की दुकान पर,
सभी दोस्तो ने वंही खुलवाया है। 😀
फिर तो दे लाते दे थप्पड। 😂