उनका ख़याल दिल से, हम मिटा न पाए,
बहुत चाहा भूलना मगर, हम भुला न पाए !
उनकी जफ़ाओं का है याद हमें हर लम्हां,
मगर #मोहब्बत की शमा, हम बुझा न पाए !
उनके चेहरे की वो हंसी याद है अब तलक,
मगर अपना बुझा चेहरा, हम दिखा न पाए !
गर नसीब है ऐसा ही तो क्या दोष दें उनको,
दोष अपना है कि #रिश्ता, हम निभा न पाए !
बड़ा ही घमंड था दिलों को पढ़ने का हमें ,
मगर पता उनके दिल का, हम लगा न पाए !
एक आदमी पहली बार ससुराल गया,
उसकी सास ने उसे 7 दिन तक
सुबह-शाम पालक का साग खिलाया।
आठ्न्वे दिन सास ने पूछा:
"बेटा, क्या खाओगे?"
आदमी बोला: "मम्मी जी,
खेत दिखा दो, खुद ही चर आऊंगा"
उमड़ते हैं तूफ़ान दिल में, फिर भी मैं ख़ामोश हूँ,
दर्द ही दर्द है ज़िन्दगी में, फिर भी मैं ख़ामोश हूँ !
किस किस को दिखाऊं मैं मुकद्दर का लिखा,
न चाहा किसी ने उम्र भर, फिर भी मैं ख़ामोश हूँ !
न देखी कभी अपनों ने मेरे दर्द की वो इन्तिहाँ,
वो कर गए ज़ख़्मी ज़िगर, फिर भी मैं ख़ामोश हूँ !
मान कर चलता रहा मैं जिगर का टुकड़ा जिसे,
उसने बेच दी इज़्ज़त मेरी, फिर भी मैं खामोश हूँ !
चाही थी जीनी ज़िन्दगी #मोहब्बत के सहारे,
नफ़रत का अँधेरा छा गया, फिर भी मैं खामोश हूँ !