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Hum Khud Badal Gye

कहाँ से चले थे मगर कहाँ आ गए, हम संभलते संभलते
खुद को ही बदल डाला हमने, दुनिया को बदलते बदलते
न बदल पाये हम ग़मों को ख़ुशी में कोशिशों के बाद भी,
हो गयीं दफ़न हसरतें सारी, #ज़िंदगी की शाम ढलते ढलते
कभी देखे थे किसी की शोख अदाओं के जलवे भी हमने,
मगर बुझ गए न जाने कब, आशाओं के दीप जलते जलते
जिसके लिए बग़ावत भी कर डाली अपनों से हमने मगर,
अफ़सोस वो भी बदल गया खुद, इस ज़माने से लड़ते लड़ते...

Mushkil To Hoti Hai

दिल को मनाने में, ज़रा मुश्किल तो होती है,
किसी को भुलाने में, ज़रा मुश्किल तो होती है !
ये शहर तो बेगानों का शहर है मेरे दोस्त,
इधर घर बसाने में, ज़रा मुश्किल तो होती है !
यूं तो ज़ख्म भर जाते हैं वक़्त के साथ साथ,
मगर टीस भुलाने में, ज़रा मुश्किल तो होती है !
भले ही #ज़िन्दगी सिलसिला है हार जीत का,
मगर हार भुलाने में, ज़रा मुश्किल तो होती है !
गली में घूमते फिरते हैं बेरहम भेड़िये ,
उनसे जान बचाने में, ज़रा मुश्किल तो होती है !

Zamane ko dosh dete hain

हैं करम उनके दोषी मगर, तक़दीर को दोष देते हैं
वो बोते हैं खुद बबूल मगर, जमीन को दोष देते हैं
न झांकता है कोई भी अब गिरेवां आजकल अपना
करते हैं क़त्ल खुद ही मगर, औरों को दोष देते हैं
चालाकियां दौड़ती हैं रगों में आदमी के अब दोस्त
कमाल है कि अब तो, चोर भी शाह को दोष देते हैं
कौन ऐसा है इस दुनिया में जो दोषी न हो,
पर खुद को बताकर शरीफ, ज़माने को दोष देते हैं...

Neend bhi tumhari tarf hai

Narazgi tum se kitni bhi ho,
par zyada der tik nahi paati,
Kambhakht neend bhi tumhari hi tarf hai,
tujhse baat kiye bina woh bhi nahi aati...

Pati se naraz hokar

गलतफ़हमी की इंतहा तो देखो :-
पत्नी, पति से नाराज़ होकर
बात नहीँ कर रही और सोचती है
वह पति को "सजा " दे रही है ... :P