आज तो भरे बाज़ार में, वफ़ा नीलम हो गयी !
बस देखते ही देखते, #ज़िन्दगी बेनाम हो गयी !
कल तक फ़रिश्ते थे जिनकी निगाहों में हम,
उनकी वफ़ा बिक कर, किसी के नाम हो गयी ! #इश्क़ के बाज़ार में शिकवा भला किस से करें,
अब तक जो पीर दिल में थी, वो आम हो गयी !
हम समझ लेंगे मगर कोंन समझाए दिल को,
जिसकी सालों की इबादत, ऐसे नाकाम हो गयी !
अजीब खेल है #मोहब्बत का मत खेलिए,
जिसने भी इसे खेला, ज़िंदगी शमशान हो गयी !
दिल खोल के रख देना, ये फितरत है हमारी,
न आये गम कभी अपनों पे, हसरत है हमारी
किसी का उदास होना देखा नहीं जाता हमसे,
ख़ुदा मेहर करे उन पर, यही इबादत है हमारी
उनसे क्या कहें भला जो हैं गुलाम नफ़रत के,
पर न करना किसी से दुश्मनी, आदत है हमारी #मोहब्बत ही काफी है मुश्किलों के हल के लिए,
मगर खलल जो डालती है, वो नफ़रत है हमारी
पूंछा विधाता से कि क्यों बना दीं बुराइयां उसने,
बोले, अरे ये दुनिया चलाने की, हिक़मत है हमारी
ये दुनिया तो आखिर, हम छोड़ जाएंगे,
मगर चाहतों को, बदस्तूर छोड़ जाएंगे !
जिन्दा थे तो #याद करते रहे उनकी हम,
मगर ये काम अब, उन पे छोड़ जाएंगे !
हम तो चले जाएंगे गर्दिशों से दूर मगर,
ज़िन्दगी में उनकी भी, कई मोड़ आएंगे !
ये रूह भी देखेगी अब उनके वफ़ा के रंग,
यादों में रहें न रहें, निशानी छोड़ जाएंगे !
जीते जी का तमाशा है ये #ज़िन्दगी,
मरने के बाद तो, सभी नाता तोड़ जाएंगे !
एक लडके की अंडो से भरी टोकरी साइकिल के पत्थर से टकराने से टूट गयी!
भीड़ ईक्कठी हुई और सब चिल्लाने लगे,
देख कर चलो भाई, कितनी गंदगी कर दी!!
तभी एक बनिए ने भीड़ से कहा, इतना चिल्लाने से अच्छा है,
ये सोचो इसका मालिक इसकी क्या हालत करेगा,
इसकी पगार मे से पैसे काट लेगा, इसकी कुछ मदद करो,
ये लो, मेरी तरफ़ से 10 रू..
सभी ने सुहानुभुती दिखाते हुए 10-10 रू दिये,
लडका बहुत खुश हुआ क्यूकि मिली हुई रकम अंडो की कींमत से बहुत ज्यादा थी!!
सभी के चले जाने के बाद एक व्यक्ति ने उस लडके से कहा,
अगर वो बनिया ना आता तो तू अपने मालिक को क्या जवाब देता??