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Dost Saath Nibhata Hai

हर मुश्किल में, साथ निभाता है दोस्त
हमारे ग़मों को, अपना बनाता है दोस्त
खून के रिश्ते छूट जाते हैं पीछे, मगर
मरने दम तक, रिश्ता निभाता है दोस्त
मतलब के रिश्ते हैं इस दुनिया में अब,
मगर निस्वार्थ दोस्ती, निभाता है दोस्त
भाग जाता ज़रुरत पे खून अपना, मगर
ऐसे वक़्त पर नज़र, सिर्फ आता है दोस्त

Tere Bina Ye Zindagi Saza

तेरे बिना ये ज़िन्दगी भी, एक सज़ा लगती है
दिल की धड़कन भी मुझे, एक कज़ा लगती है
ठंडक पड़ जाती है मेरे दुखते ज़ख्मों में यार,
जब बताते हैं लोग कि, तेरी भी रज़ा लगती है
ज़फ़ाओं की नगरी में मैं किससे उम्मीद करूं,
कभी तो मेरी ज़िन्दगी भी, मुझे खफ़ा लगती है
तेरा हर खून माफ़ है मेरे #दिल की अदालत में,
वो भला क्या जाने कि, कौन सी दफ़ा लगती है...

Tumko Tumse Chura Lu

Kaash Aisa Ho Ki Tumko Tumse Chura Lu,
Waqt Ko Rok Kar Waqt Se Ek Din Chura Lu,
Tum Paas Ho To Is Raat Se Ek Raat Chura Lu,
Tum Saath Ho To Is Jahan Se Ye Jahan Chura Lu...

Apna Ek Asool Hai

दुनिया चाहे जो सोचे,
अपना एक ही ‪#‎उसूल‬ है...
जिसे चाहा उसे ‪#‎टूट‬ कर चाहा
और
जिसे छोडा उसे ‪#‎पलट‬ कर ना देखा...

Log Girgit Jaise Badal Gye

जो थे दिल के मेहमान कभी, जाने कैसे निकल गए
पक्के थे अपने रिश्ते, क्यों मोम के जैसे पिघल गए
जाने सब कुछ कैसे हुआ हम जाने कैसे भ्रमित हुए,
जिनको हमने अपना जाना, क्यों गैरों जैसे बदल गए
अच्छा हुआ मिट गए ख्वाब जो पाले थे इन आँखों ने,
कल आँखों के नूर थे हम, पर इकदम कैसे बदल गए
ठीक रहा सब देख लिया जीवन के अंतिम लम्हों में,
यहाँ गिरगिट जैसे लोग मिले, जब चाहा वैसे बदल गए...