Dil Se Bhulana Aasan Nahi
Kisi #Dard Ko Sambhal Paana Aasan Nahi,,,
Hanste Hue Har #Lamha Bitana Aasan Nahi...
#Zindagi Mein Har Koi #Dil Mein Basta Nahi,,,
Aur Jo Bas Jaye Usko Dil Se Bhulana Aasan Nahi!!!
Kisi #Dard Ko Sambhal Paana Aasan Nahi,,,
Hanste Hue Har #Lamha Bitana Aasan Nahi...
#Zindagi Mein Har Koi #Dil Mein Basta Nahi,,,
Aur Jo Bas Jaye Usko Dil Se Bhulana Aasan Nahi!!!
किसी से ज़बर्दस्ती का, #प्यार नहीं हुआ करता
कोई भी ज़बर्दस्ती से, अपना नहीं हुआ करता
जो #दिल के करीब है सिर्फ उसको पहचानो,
कभी दिल के कालों से, रिश्ता नहीं हुआ करता
फ़रेबों की दुनिया में मुखौटे पहचानना सीखो,
कभी किसी का फ़रेबों से, भला नहीं हुआ करता
चाशनी लपेट कर जो तारीफ़ करते हैं तुम्हारी
असलियत में उनका इरादा, नेक नहीं हुआ करता...
कटती है पतंग तो, उसकी कोई डगर नहीं होती
कहाँ पे जा अटकेगी, किसी को खबर नहीं होती
ज़िन्दगी का पहिया कहाँ अटक जाये क्या पता,
कब थम जाएंगी सांसें, किसी को खबर नहीं होती
#आदमी समेंटता है क्या क्या न जाने किसके लिए,
बाद मरने के क्या होगा, किसी को #खबर नहीं होती
ख़ुशी से जीना है तो लोगों के #दिल में जियो, वरना
#नफ़रत से भरे लोगों की, किसी को खबर नहीं होती
गुनाहों के शहर में, हर चेहरा अनजान सा दिखता है
इंसान की शक्लो सूरत में, इक शैतान सा दिखता है
मुखौटों से नहीं बदलती फितरत आदमी की,
हमें हर कदम उसका, बगुले के ईमान सा दिखता है...
गुज़र गया जो वक़्त, उसे फिर मुड़ते नहीं देखा
टूट गए जो #प्यार के रिश्ते, फिर जुड़ते नहीं देखा
फूलों को घेरे काँटों से तितली को कोई गिला नहीं,
पर उसको सूखे फूलों पर, कभी उडते नहीं देखा
गैरों ने जो घाव दिए शायद मिट जाएँ इक दिन,
पर अपनों ने जो ज़ख्म दिए, कभी भरते नहीं देखा
लोगों ने कितना वैभव पाया है इस दुनिया से,
पर ज्यादा पाने की तृष्णा को, कभी मरते नहीं देखा...