कभी खुशियों के कारवां, तो कभी #गम के मेले
कभी आशा की रौशनी, कभी निराशा के अँधेरे
कभी महफ़िलों के रंग, कभी तन्हाई में अकेले
कभी पाने की ख्वाहिशें, तो कभी खोने के झमेले
कभी अपनों के दर्द देखे, कभी गैरों के दंज झेले
कभी दीपों की छटा देखी, कभी होली के रंग खेले
चलता रहा ज़िन्दगी का यूं ही हसीन सिलसिला,
कभी मिल गया कोई साथी, कभी चल पड़े अकेले
दुःख सुख का संगम है ये ज़िन्दगी का मेला भी,
बस आते रहेंगे लोग यहां, और लगते रहेंगे मेले...
#Dil bhi tum, #Dhadkan bhi tum,
saanse bhi tum, tum hi meri #Jaan ho,
bas dua hai khuda se ki
jab bhi karun yaad kisi ko
to un yaadon me ek tumhara hi naam ho...
अपने दम पर जीने का, अहसास जुदा होता है
कोई दे या न दे साथ, उसके साथ ख़ुदा होता है
मांगने से नहीं मिलतीं खुशियां कभी भी,
मिल भी जाएँ तो उससे, किसका भला होता है
टूटे हुए #दिल को और मत तोड़ो दोस्तो,
कभी न कभी हर शख्स का, वक़्त बुरा होता है
अपनी तबाही का शिकवा किसी से क्या करें,
मिलता तो वही है, जो मुकद्दर में लिखा होता है...
जब बदलता है वक़्त, लोग याराना बदल देते हैं
जब दरकती हैं दीवारें, तो आशियाना बदल देते हैं
इस अजीब दुनिया की असलियत यही है दोस्तो,
जब सूखता है दरख़्त, पखेरू ठिकाना बदल देते हैं
खुल सकती हैं गांठें बस ज़रा से जतन से मगर,
लोग कैंचियां चला कर, सारा फ़साना बदल देते हैं
जो गाते हैं सदा गीत सिर्फ उनकी शख्सियत के
जब आता है वक़्त ख़राब, वो तराना बदल देते हैं...
हर किसी को दी #इज्ज़त अब #रास नही आती,
ये #दुनिया अपनी मक्कारी से #बाज नही आती...
शब्दों के #ज़हर घोलने पर भी,
लोगों को #प्यार की बात नही आती...
करते है जो #आँख मूदकर #विश्वास,
उन इन्सानों में #अक्ल की #जात नही आती...
करते है जो दोगुले साँप जैसी #बात,
उन #लोगों की पिछड़ी #औक़ात नही जाती...