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Daulat Hai To Rishte Hain

शोहरत के साथ रिश्ते भी, अजीब सा अहसास कराते हैं
जिनकी सूरत भी याद नहीं, हमें दिल के पास बताते हैं
जो मुफलिसी में छुपाते थे हमसे अपना रिश्ता यारो,
आज वही दुनिया के सामने, हमें अपना ख़ास बताते हैं
कैसी है ये दुनिया जहां आदमी की कोई क़द्र नहीं "मिश्र",
दौलत है तो सब तुम्हारे, वरना तो सब उपहास उड़ाते हैं...

Waqt ne hume sikhaya hai

#आँखों के सामने वो मँज़र आया है,
जिस पर #हमने अपना कद़म बढ़ाया है...

साथ जो तेरे माँ बाप का सारा है,
जिन्होंने #हौसला तेरा बढ़ाया है....

हटना नहीं पीछे इस #जँग की दांस्ताँ में यारा,
क्यूँकि #वक़्त ने हमें लड़ना सिखाया है....

Karke Mohabbat Tujhse

#दुनिया की निगाहों में शर्मशार हुए है,
#दिल देकर तुझे हम #गुनहगार हुए है...
करके #मोहब्बत तुझसे अनूठी ऐ दिलरुबा,
ना #खोया कुछ भी पर #बर्बाद हुए है.....!!

Hai ishq jiski manzil

कितना कठिन रास्ता है...
कितनी कठिन #डगर है...
है #इश्क जिसकी #मँजिल...
#मौत उसका वो #सफ़र है....
#मोहब्बत की #बस्ती में..
#नफ़रत का क़हर है...
मतलब परास्त #भीड़ में....
बसा अपना #शहर है....!!

Kabhi Humein Yaad kiya hota

कभी फुर्सत में ज़रा, हमें भी याद किया होता
दिन में वक़्त नहीं, ख़्वाबों में याद किया होता
बहुत गुज़रते होंगे तुम्हारे दर से हो कर लोग,
कभी तो किसी के ज़रिये, सम्बाद किया होता
अब तो मुद्दत गुज़र गयी तेरे दीदार के बिना,
कभी तो आकर ये घर मेरा, आबाद किया होता
ज़िंदगी छोटी है कल न जाने क्या हो क्या पता,
मेरी खातिर तुमने, इक पल तो बर्बाद किया होता...