Dosti hamesha sath deti hai
दोस्ती की इमारत भरोसे पर खड़ी होती है
दुनिया के हर रिश्ते से #दोस्ती बड़ी होती है
छट जाती है भीड़ अपनों की वक़्त आने पर
पर दोस्ती हर हालात में क़रीब खड़ी होती है...
दोस्ती की इमारत भरोसे पर खड़ी होती है
दुनिया के हर रिश्ते से #दोस्ती बड़ी होती है
छट जाती है भीड़ अपनों की वक़्त आने पर
पर दोस्ती हर हालात में क़रीब खड़ी होती है...
ख़ुदा बड़ा अज़ीब है, कैसे रिश्ते बना देता है
देखा न था जिसको कभी, अपना बना देता है
जो लगता है दिल को हमसफ़र जैसा,
उसको वो अंजान सा, मुसाफ़िर बना देता है...
प्यार की इस दुनिया में, नफ़रत का बसेरा क्यों है
खुशियों की हर महफिल में, ग़म का अंधेरा क्यों है
क्या हुआ है इस दुनिया को ए मेरे ख़ुदा,
तेरी बनाई इस धरती पर, ज़ुल्मों का बसेरा क्यों है....
लम्हों की खुली किताब हैं #ज़िन्दगी,,
ख्यालों और #सांसों का हिसाब हैं ज़िन्दगी..
कुछ ज़रूरतें पूरी, कुछ ख्वाहिशें अधूरी,,,
इन्ही सवालों के जवाब हैं #ज़िन्दगी !!!
जो दर्द में जिया है, वो प्यार को भला क्या समझे
जो अंधेरों में पला है, उजालों को भला क्या समझे
जो न सीख पाया ज़िंदगी जीना इस दुनिया में,
वो ज़िंदगी की बिसात की, गोटों को भला क्या समझे...