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Chahat Ko Na Pa Sake

यारो चाहत थी जिसकी, न पा सके हम
खोल के #दिल अपना, न दिखा सके हम

खूब देखी क़रीब से ये मतलबी दुनिया,
किसी को भी अपना, न बना सके हम

आता है रहम खुद पर ही हमको यारो,
कोई भी ख़्वाब अपना, न सजा सके हम

बनाते रहे डगर बस औरों के वास्ते ही,
मगर मुक़ाम अपना ही, न पा सके हम

ये फौलाद का होता तो बात अलग थी,
पर नाजुक से दिल को, न मना सके हम

उम्र का तकाज़ा है या कुछ और है "मिश्र".
अपनों की दी चोट को, न भुला सके हम

Zurm Dil Lagane Ka

कहाँ से सीखें हुनर उसे मनाने का,,,
कोई जवाज़ न था उसके रूठ जाने का...

हर बात में सजा भी मुझे ही मिलनी थी,,,
जुर्म मैंने किया था उनसे #दिल लगाने का

Khuda Mehfuj Rakhe

ख़ुदा महफूज़ रखे,
आपको तीनों बलाओं से,,,

वकीलों से, हक़ीमों से,
और हसीनों की निगाहों से !!!

Fir Chirag Bujha Hai

फिर किसी का चिराग बुझा है
फिर कोई लाल अनाथ हुआ है
फिर टूट गयी है चूड़ी किसी की
फिर किसी का सिंदूर पूछा है

फिर टूटी है कोई लाठी घर की
फिर बेबस एक बाप खड़ा है
फिर रोई है आज बूढ़ी आँखे
फिर उस छाती से दूध छलका है

फिर राखी याद ना आई उसको
फिर एक भाई ना वापस लौटा है
फिर किसी का चिराग बुझा है
फिर कोई लाल अनाथ हुआ है...🙏

salute indian army

Khud Ko Bhula Baithe

हम औरों की चाह में, ख़ुद को भुला बैठे !
इन झूठों के फरेब में, सच को भुला बैठे !

इस कदर खोये इस मतलबी दुनिया में,
कि हड़पने की हवस में, हद को भुला बैठे !

हम छोड़ आये पीछे न जाने कितनी यादें,
यारो आज की धमक में, कल को भुला बैठे !

दौलत को बना रखा है अब तो ख़ुदा सबने,
यारो वैभव की चमक में, रब को भुला बैठे !

समेंट डाली ज़िंदगी सिर्फ अपने तक "मिश्र",
अब तो शान के गुमान में, सब को भुला बैठे !