Keemat Muskurane Ki
तू रूठा रूठा सा लगता है,
कोई #तरकीब बता मनाने की,
मैं #ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा,
तू क़ीमत बता मुस्कुराने की !!!
तू रूठा रूठा सा लगता है,
कोई #तरकीब बता मनाने की,
मैं #ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा,
तू क़ीमत बता मुस्कुराने की !!!
ज़िन्दगी से क्या गिला, हमें ख़्वाहिशों ने मार डाला,
पिला कर जाम उल्फ़त का, साजिशों ने मार डाला !
एक पल भी न जी सके यारो अपनों की बेरुख़ी में,
भला दुश्मनों से क्या गिला, हमें दोस्तों ने मार डाला!
घुसते रहे हम भीड़ में बस मोहब्बतों की तलाश में,
नफरतों से क्या गिला, हमें मोहब्बतों ने मार डाला!
हमें तो वक़्त के तूफ़ान ने पटक डाला दलदलों में,
यूं दलदलों का दोष क्या, हमें बुलंदियों ने मार डाला !
हम कर के यक़ीन यारों पर पछताते रहे उम्र भर,
उनके फरेब से क्या गिला, हमें आदतों ने मार डाला !
आये थे इस शहर में कमाने की ललक लेकर के,
शहर ने सब कुछ दिया पर, हमें बंदिशों ने मार डाला !

प्यार से कहो तो आसमान मांग लो,
रूठ कर कहो तो मुस्कान मांग लो
तमन्ना यही है कि दोस्ती मत तोड़ना,
फिर चाहें हँसकर हमारी जान मांग लो
अगर हो वक़्त तो #मुलाकात कीजिये,,,
#दिल कुछ कहना चाहे कुछ बात कीजिये,
यूँ तो मुश्किल है हम से दूर रहना,
पर एक #लम्हा मिले तो हमें याद कीजिये !!!
जब चाहा तो पत्थरों को, भगवान् बना दिया !
जब चाहा तो घर आँगन की, शान बना दिया !
कितना मतलब परस्त है दुनिया का आदमी,
जब मतलब निकल गया, तो अंजान बना दिया !
मुझको हक़ नहीं अब अपनों को राय देने का,
यारो अपने ही घर में मुझे, मेहमान बना दिया !
बड़ी हसरतों से निभाया था हर रिश्ता मगर,
#ज़िन्दगी को इस आदत ने, शमशान बना दिया !
कहने को हम क्या कहें उन बेख़बर लोगों से,
जिन्हें खुद की फ़ितरतों ने, शैतान बना दिया !
गर #मोहब्बत भी करे कोई तो कैसे करे "मिश्र",
उसको भी आज लोगों ने, अहसान बना दिया !!!