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Hasinon ke jaal

हम तो जालसाजों के जालों में फंस गए,
बेसबब ही खामो ख़यालों में फंस गए !

इससे तो रात का अँधेरा ही बेहतर था,
जाने क्यों दिन के वबालों में फंस गए !

अपने ही झमेलों से न बच पाए हम तो,
कि औरों के रंजो मलालों में फंस गए !

सुकून की तलाश में ढूँढा था एक कोना,
पर उधर भी शोरो धमालों में फंस गए !

कर ली थी हमने इस मोहब्बत से तौबा,
पर फिर से हसीनों के जालों में फंस गए !

बड़ी ठीक थी सादा सी ज़िन्दगी "मिश्र",
पर शहर में आ कर दलालों में फंस गए !
 

Chahat ki daulat nahi milti

शरीफ़ों को दुनिया में, अब इज़्ज़त नहीं मिलती,
मुफ़्त में किसी को, अब मोहब्बत नहीं मिलती !

गर कोई नाराज़ है तो भला क्या करें हम यारो,
मज़बूर हैं कि उनसे, अब तबियत नहीं मिलती !

मुस्कराते चेहरों के पीछे क्या छुपा है क्या पता,
हमें दिलों में झांकने की, अब फुर्सत नहीं मिलती !

अफसोस, कितना गिर गया है ये जमाना अब तो,
यारो इधर तो ईमान से, अब सौहरत नहीं मिलती !

अब तो बेचैनियों का आलम दिखता है हर तरफ,
चाहत की हर किसी को, अब दौलत नहीं मिलती !

बस कहने को ये ज़िन्दगी बड़ी हसीन है "मिश्र",
पर खुशियों से जीने की, अब मोहलत नहीं मिलती !!!

Dagar se bhatkna mat

कभी भी जीत पे अपनी, फड़कना मत यारो,
कभी भी हार पर अपनी, भड़कना मत यारो !

ये जो #ज़िन्दगी है बस चलती रहेगी ऐसे ही,
कभी ईमान की डगर से, भटकना मत यारो !

न जाएंगी चल कर साथ ये दौलतें ये सौहरतें,
कभी अपने किये सुकर्म से, पलटना मत यारो !

हसरतों का क्या है वो तो मचलती हैं हरदम,
कभी वक़्त के सैलाब से, अटकना मत यारो !

इस दुनिया में साथ सबका ज़रूरी है "मिश्र",
अपनी ही ताल पर ख़ालिस, मटकना मत यारो !

Rooh Tak Ka Rishta

Rooh Tak Ka Rishta hindi shayari status

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू #ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा..
मेरी #मोहब्बत ❤ तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा 💑

Kirdaar nahin badalte

चेहरे बदल जाते हैं, मगर किरदार नहीं बदलते,
कितना भी करें ढोंग, मगर #अंदाज़ नहीं बदलते !

जो आता है चमकाता है पहले अपनी किस्मत,
अफ़सोस, कि जनता के, दिन रात नहीं बदलते !

कुर्सी भी बड़ी अजीब है भुला देती है सब वादे,
होती हैं नूरा कुश्तियां, मगर हालात नहीं बदलते !

मुडना है बेचारी भेड़ को ही चाहे कोई भी मूंडे,
बस हाथ बदल जाते हैं, पर हथियार नहीं बदलते !

फ़र्क नहीं पड़ता उनके जाने या इनके आने से,
होते हैं तमाशे रोज़ ही, मगर आसार नहीं बदलते !

न बदली है न बदलेगी अपनी तो तक़दीर "मिश्र"
बदल जाते हैं राजे, पर सिपहसालार नहीं बदलते !!!