Bekasoor Hun Main
सजा न दे मुझे #बेक़सूर हूँ मैं,
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं !!!
सजा न दे मुझे #बेक़सूर हूँ मैं,
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं !!!
ज़माने की साजिशें, मिटा सको तो कहो,
गर दिल के फासले, मिटा सको तो कहो !
इधर तोड़ते हैं हर कदम पर हौसला लोग,
फरेबी इन चालों को, मिटा सको तो कहो !
आसान इतनी भी नहीं जीने की राहें दोस्त,
उन पर सजे ख़ारों को, हटा सको तो कहो !
हर कदम पे मिलते हैं ज़िन्दगी के बाज़ीगर,
कुछ तुम भी करतब, दिखा सको तो कहो !
न मिलेगा रहबर कोई इस ज़माने में ,
खुद ही खुद का रास्ता, बना सको तो कहो !
दिल उछलता है अब भी, उनकी खबर आने पर !
वो भुला देता है दर्द सारे, उनकी खबर आने पर !
बदल गया वक़्त मगर न बदला ये दिल अभी भी,
हो जाता है जवान फिर से, उनकी खबर आने पर !
बस फंसे रहना अंधेरों में अपना #नसीब है दोस्तो,
जला देते हैं दिल के दीये, उनकी खबर आने पर !
अब हो चुके हैं ख़त्म सारे #मोहब्बत के वो फ़साने ,
अटकती हैं साँसें फिर भी, उनकी खबर आने पर !
उनके जलवे भी देखे हैं उनकी बेरुखी भी देखी है,
मगर भूल जाता है सब कुछ, उनकी खबर आने पर !!!
वो आये थे मेरे घर पे, मगर बदनाम कर गए !
वो न जाने कितनी तोहमतें, मेरे नाम कर गए !
सोचता हूँ कि ये वक़्त भी क्या चीज़ है यारो,
जिसके बदलते ही वो, रिश्ते तमाम कर गए !
जूझते रहे ताउम्र जिनकी आफतों के किये,
वो ही तमाशा औकात का, सरे आम कर गए !
महफूज़ रखा दिल में जिन्हें अपना समझ के,
वो उसमें ही ज़ख्म दे के, जीना हराम कर गए !
सफर में हर ठोकर का इक मतलब है "मिश्र",
खुश हूँ कि अगला कदम वो, आसान कर गए !!!