मेरी #मोहब्बत का तुम, कुछ तो हिसाब दे दो !
कब से खड़ा हूँ दर पर, कुछ तो जवाब दे दो !
तुम्हारे सितम का हर हिसाब साथ लाया हूँ,
गर हैं तुम्हारे पास तो, कुछ और अज़ाब दे दो !
पागल था कि #ज़िंदगी भर लुटता रहा मैं यूं ही,
न दे सको गर सारा, मेरा कुछ तो उधार दे दो !
कर दूंगा मैं ज़िन्दगी तुम्हारी नफ़रतों के नाम,
मगर वापस मेरे नाम के, कुछ तो ख्वाब दे दो ! #दिल तो पड़ा है तुम्हारे ही पास गिरवी मेरे दोस्त,
कैसे जाऊं हाथ खाली, मुझे कुछ तो ज़नाब दे दो !!!
यहां किसी को, किसी में भी दिलचस्पी नहीं,
लोगों के मुखड़ों पर, वो बात वो मस्ती नहीं !
अब याद आते हैं अपने वो गुज़रे हुए ज़माने,
मगर उधर भी, वो बस्ती अब वो बस्ती नहीं !
बड़ा ही अजीब दरिया है ये #ज़िन्दगी भी यारो,
यहां पतवार तो हैं, लेकिन कोई भी कश्ती नहीं !
इस शहर में न बना पाये किसी को भी अपना,
हूँ तो मैं #मुसाफिर ही, मेरी तो कोई हस्ती नहीं !
हर चीज़ नहीं है नसीबों में हर किसी के दोस्त,
ईमान छोड़ कर यहां, कोई भी चीज़ सस्ती नहीं !!!
हसीन राहों को देखा तो, बस चलता चला गया,
न कुछ सोचा न समझा, बस बढ़ता चला गया !
डर गया था देख कर अपनी मंज़िल के रास्ते,
बस जिधर भीड़ देखी उधर चलता चला गया !
पता न था कि वो तो धोखे के नज़ारे थे सारे,
बे-मंज़िल के सफर में, अँधेरा बढ़ता चला गया !
अपनी राह चलता तो मिल जाती मंज़िल शायद,
पर बे-खुदी की हवाओं में बस उड़ता चला गया !
पानी है मंज़िल तो मन को न भटकने दो यारो,
रोओगे सोच कर कि, वक़्त सरकता चला गया !
कुदरत का सबसे बडा सच
यदि आप फूलों पे सो रहे है तो
ये आपकी फस्ट नाइट है
और यदि फूल आप पर सो रहे है
तो ये आप की लास्ट नाइट है l
अजब तेरी दुनिया गज़ब तेरा खेल
मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद करना
और मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाना !!!
कंकरीली राहों की कशक, आज भी ताज़ा है,
गरम रेत की वो तपिश, आज भी ताज़ा है !
फटी बिबाइयों का वो कशकता खामोश दर्द,
और कांटों की वो चुभन, आज भी ताज़ा है !
रातों में जग कर अपनी फसलों का पहरा,
और माघ की वो ठिठुरन, आज भी ताज़ा है !
जेठ में लू की लपकती भयानक वो लपटें,
और पशीने की वो लथपथ, आज भी ताज़ा है !
बौराये आमों का तालाब के किनारे बगीचा,
कोकिल का वो मधु कलरव, आज भी ताज़ा है !
मुद्दत गुज़र गयी कमल दल देखे बिना हमें,
मगर दिल में उनकी महक, आज भी ताज़ा है !
वर्षों गुज़र गए घर से बेघर हुए हमको यारो,
मगर दिल में गांव की हवा, आज भी ताज़ा है !