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Sukh se jeevan jeena hai

सुख से जीवन जीना है, तो आँख खोल कर रहना सीखो !
मत टकराओ दुनिया से, नतमष्तक हो कर रहना सीखो !
पाने के लिए अपनी मंज़िल हमसफ़र ज़रूरी नहीं दोस्त,
तुम चल कर कभी अकेले भी, अपनी #मंज़िल पाना सीखो !
हर किसी को गले लगाने की दुनिया की अब रीत नहीं,
अजब लोग हैं दुनिया के, इनसे कुछ दूर भी रहना सीखो !
ये इश्क़ #मोहब्बत कारण हैं इन ग़म के झंझावातों के,
रहना है तुमको अगर सुखी, तो कुछ तन्हा भी रहना सीखो !
मत रखो गुवारों को अंदर नहीं तो फिर मुश्किल होगी,
पर घर की बातें बाहर नहीं, उन्हें घर के अंदर रखना सीखो ...

Aitbaar kya kije

मतलब परस्त लोगों पर, ऐतबार क्या कीजे
दिलों में है बेरुखी, किसी से प्यार क्या कीजे
#तन्हा जीना भी कोई जीना है दोस्तो, मगर
जो बेदर्द चला गया, उसका इंतज़ार क्या कीजे
जो तोड़ते हैं #दिल को एक खिलौना समझ कर,
ऐसे बेवफा दरिंदों पर, दिल निसार क्या कीजे
#ज़िंदगी तो बस एक झंझटों का झमेला है दोस्त
गुज़र गयीं जो आफतें, उन पे विचार क्या कीजे...

Apni Aadat Badal Dalo

रहना है इस शहर में, तो अपनी फितरत बदल डालो
#अजनबी शहर में, अपनी झूठ की इबारत बदल डालो
ज़िन्दगी में बहुत कर चुके अपनी मनमानी तुम,
रहना है अगर प्यार से, तो अपनी #आदत बदल डालो
लाख दुश्मनी सही फिर भी #रिश्ते नहीं तोड़े जाते,
तुम ही ख़ुदा हो सबके, अपनी ये कहावत बदल डालो
इस #जीवन की रंगोली में नफरत के रंग न भरिये,
इस में #मोहब्बत के रंग भर कर, सजाबट बदल डालो
#नफरतों की दीवारों को जल्द गिराना होगा,
वर्ना तो बंटते रहेंगे आँगन, नज़रे हिक़ारत बदल डालो

Zindagi Mushkilon Mein

कभी ख्वाहिशों ने, फंसाया ज़िन्दगी को
तो कभी ज़रूरतों ने, रुलाया ज़िंदगी को !
कभी राह में गैरों ने बिछाए कांटे दोस्तो,
तो कभी अपनों ने, छकाया ज़िन्दगी को !
कभी ख्वाबों में खुश हो लिए हम यूं ही,
तो कभी हक़ीक़तों ने, सताया ज़िंदगी को !
कभी ख़ुशी के रंगों से पुलकित हुआ दिल,
तो कभी मुश्किलों ने, हराया ज़िन्दगी को !
कभी चढ़ते गए #मंज़िल की सीढियाँ ,
तो कभी दुश्मनों ने, गिराया ज़िन्दगी को !

Chadhte Sooraj Ko Salam

चढ़ते हुए सूरज को, सभी झुक कर सलाम करते हैं
मगर जब डूब जाता है वो, तो घर पे आराम करते हैं
जब तक शान है किसी की लोग करते है गुणगान,
पर जब बदलता है वक़्त, तो दूर से सलाम करते हैं
कल तक गुणों की खान हुआ करते थे जिनके लिए,
वही आज बता कर आवारा, हमको बदनाम करते हैं
कैसे हैं लोग कैसी है अजीबो गरीब फ़ितरत उनकी,
कभी कभी तो यहां, अपने भी गैरों सा काम करते हैं...