Wo Shayar Kehlata Hai
घबराकर जो साहस छोड दे,
वो कायर कहलाता है
अनहोनी को जो होनी करदे,
वो माहिर कहलाता है
जीवन में तो सब कोई झांके,
जो बेजान चीज में खुद को ढूढे,
वो शायर कहलाता है...
घबराकर जो साहस छोड दे,
वो कायर कहलाता है
अनहोनी को जो होनी करदे,
वो माहिर कहलाता है
जीवन में तो सब कोई झांके,
जो बेजान चीज में खुद को ढूढे,
वो शायर कहलाता है...
छोटी सी जिंदगी, हर पल मुस्करा के बिताईये
हर लम्हा अनमोल है, उसको यूं ही न गँवाईये
जीना है तो क्यों ना मस्ती से जियो ज़िंदगी,
बांट कर हर खुशी, खुशियों का जश्न मनाईये
वो न जाने क्यों, मुझको याद आते हैं
दिन हो या रात, हर वक़्त याद आते हैं
सोचता हूँ कह दूँ दिल की बात, मगर
बरबाद मोहब्बतों के, हस्र याद आते हैं
नादान #दिल को हारने में आता है मज़ा,
मगर मुझे हार के, हर लम्हें याद आते हैं
ये मोहब्बत भी जी का जंजाल है,
न चाहे दिल जिन्हें, अक्सर याद आते हैं
ज़िन्दगी के बुरे पल, चुप चाप गुज़र जाने दो
क़यामत के तूफ़ान, बस यूं ही गुज़र जाने दो
वक़्त आएगा ज़रूर कि छंट जायेगा अँधेरा,
ज़रा सा बादलों के पीछे से, चाँद उत्तर आने दो
क्यों आये हो नए ज़ख्म देने के लिए दोस्त,
जो दे चुके हो पहले, ज़रा उन्हें तो भर जाने दो
दिले नादाँ को कैसे बताऊँ दुनिया की फितरत,
कि कहते हैं यहाँ लोग, जो मरता है मर जाने दो
ढूंढते रहे वो कमियां हमारे मिज़ाज़ में मगर,
जानते हैं मिज़ाज़ हम भी उनका, मगर जाने दो
बहुत कोशिशें की है संभल जाने की हमने,
अब बिखरनी है ज़िन्दगी, तो फिर बिखर जाने दो
मत कर प्यार इतना, तू रह न पायेगा
#मोहब्बत का वो दर्द, तू सह न पायेगा
तोड़ देंगे दिल तेरे अपने ही किसी दिन,
बस रोने के सिवा कुछ, तू कह न पायेगा
काँटों के सिवा कुछ न मिलेगा राहों में,
वो मंज़िलों के फ़ासले, तू सह न पायेगा
ये तो बे दिल इंसानों का शहर है,
दर्द ए दिल की दास्ताँ, तू कह न पायेगा...