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Main Khrab Ya Zamana?

मैं ख़राब हूँ, तो ज़माने को ख़राब कैसे कह दूँ
होश बाक़ी है अब तक, उसे शराब कैसे कह दूँ
मेरे #दिल को पता है अपनी औकात की हद,
फिर उसकी चाहतों को, बेहिसाब कैसे कह दूँ
जिंदगी भर करता रहा गलतियां ही गलतियां,
भला उसके वज़ूद को, यूं लाज़बाब कैसे कह दूँ
ज़िन्दगी तो ख़ुदा की बख़्शी नेमत है,
मैं उसके दिए सामान को, अज़ाब कैसे कह दूँ...

Maine khuda ko paya hai

Khud ko khokar aaj maine khuda ko jo paya hai
pathro ko bhi ab dil mai maine jo foolon ki tarah sajaya hai
ro pada ek gulaab bhi iss hassi ko dekhkar
kehta khuda ke naam par wo teri zindagi main aaya hai...

Hum Aaj Bhi Wahi Hain

जिन्दगी ने सवालात बदल डाले,
वक्त ने हालात बदल डाले,
हम तो आज भी वही हैं जो कल थे,
बस लोगों ने अपने ख्यालात बदल डाले...

Zindagi se bhagne wale

जो डर के भागता है ज़िंदगी से, उसे हम क्या कहें
खुद लटक जाता है जो फंदे पे, उसे हम क्या कहें
भूल जाता है माँ बाप के प्यार का हर पल छिन,
कर देता है जो पागल शोक में, उसे हम क्या कहें
हर हाल में है जीना यहां ये तो ख़ुदा का हुक्म है,
जो उसकी भी नाफरमानी करे, उसे हम क्या कहें
मज़दूर से सीखो कि कैसे चलाता है घर अपना,
जो खुद को भी न संभाल पाये, उसे हम क्या कहें
जां गंवाता धरती मात पे उसे शहीद कहते हैं,
जो जननी को बिलखता छोड़ दे, उसे हम क्या कहें ?

Waqt kisi ka intzaar nhi karta

दुख कभी सुख का, इंतज़ार नहीं करता
दर्द कभी मरहम का, इंतज़ार नहीं करता
जो दिया इस #जिंदगी ने प्यार से लेलो
आखिरी #व़क्त किसी का इंतजार नहीं करता