Hum par aitbar rakhna
हम कितने ही दूर हों, फिर भी प्यार रखना
अपनी इस दोस्ती को, हमेशा बरकरार रखना
चाहे भटक जाएं दुनिया की अजब भीड़ में ,
हम फिर भी ज़रूर लौटेंगे, बस ऐतबार रखना...
हम कितने ही दूर हों, फिर भी प्यार रखना
अपनी इस दोस्ती को, हमेशा बरकरार रखना
चाहे भटक जाएं दुनिया की अजब भीड़ में ,
हम फिर भी ज़रूर लौटेंगे, बस ऐतबार रखना...
ज़िंदगी के मैंने न जाने कितने रंग देखे हैं
कभी गैरों तो कभी अपनों के संग देखे हैं
गैरों से क्या गिला वो तो गैर ठहरे,
ज़िंदगी में अपनों के बड़े अजब ढंग देखे हैं
उनके लिये मरा तो बड़ा अज़ीज़ था मैं,
खुद के लिये किया तो चेहरे बदरंग देखे हैं
ये दुनिया सिर्फ स्वार्थों की है दोस्तो,
मैंने रिश्तों के टूटने के हज़ार प्रसंग देखे हैं.....
ऐ #दोस्त मुझे कभी तो याद किया होता
किसी के हाथों कभी तो #पैगाम दिया होता
तेरे बिना ज़िंदगी कितनी अधूरी है हमारी,
कभी हमारे हालात का तो पता किया होता
बेशक तुम्हारी नज़रों में गुनहगार हम भी हैं,
तुमने ना सही हमने तो ख़याल किया होता
पर #दोस्ती में बदले की कोई जगह नहीं दोस्त,
दोस्ती का ये फ़लसफ़ा तो याद किया होता...
फ़ितरत बदल कर देखो, किस्मत ख़ुद बदल जाएगी
नीयत बदल कर देखो, ये दुनिया ख़ुद बदल जायेगी
मुखौटे बदलने की ज़रूरत नहीं दोस्तो,
सीरत बदल कर देखो, ये ज़िंदगी ख़ुद बदल जायेगी...
जो गुज़र गया उसको, ज़रा भुला कर तो देखिये
जो मौका है तेरे सामने, ज़रा भुना कर तो देखिये
कल की तस्वीर बदल जायेगी ख़ुद व ख़ुद,
ज़िंदगी के हसीन सपने, ज़रा सजा कर तो देखिये....