Page - 137

Haal E Dil Suna Mat Dena

इस तबस्सुम को ग़मों में लुटा मत देना
कोई आंसू का मोती आँखों से गिरा मत देना..
ख़ाब में आये हैं दोस्त थोडा वक़्त निकालकर
गुफ्तगुं ज़ारी है #नींद से जगा मत देना..

शहजादा कोई आएगा है उम्मीद उसको भी
ज़माने की हकीक़त उसे बता मत देना..
घोंसले गिर चुके इनके तरक्की की आंधी में
जो बैठे हों पंछी मुंडेर पर उड़ा मत देना..
इस बज़्म में 'शाकिर' तमाशबीन बहुत हैं
हाल -ए-दिल अपना खुद को भी सुना मत देना..

Ishq ki kahani ajeeb hai

शबनम किसी की प्यास मिटा नहीं सकती
सुई का काम कभी तलवार बना नहीं सकती
दिल का मारा समझता है ज़रूरत दिल की,
ये बात किसी और को समझ आ नहीं सकती
इश्क़ की कहानी होती है बड़ी अजीब सी,
जिसे अजीब दुनिया सुनकर पचा नहीं सकती
इश्क़ के दीवाने जलते हैं जिस आग में,
कोई घनघोर बारिश भी उसे बुझा नहीं सकती...

Sambhal ke rakhna ye Dosti

Aasman se Utari hai, Taaron se Sajai hai,
Chand ki Chandni se Nehlai hai,
E Dost! Sambhal ke rakhna ye Dosti,
Yahi to Hamari Zindagi bhar ki Kamai hai....

Hum bewafa kya jane

E wafa karne walo
Zara hume bhi btao k
kya kuch or kaise badla
Apne chahne walo ki #Zindagi me

Hum #bewafa kya jane
k Mohabbat kise kehte hain??

Kya Unko Ye Khyal Aaya Hoga

क्या उनके लबों ने कभी मेरा गीत गुनगुनाया होगा
क्या किसी के पूछने पर उसने मेरा नाम बताया होगा
सुन के मंज़र मेरी बर्बादियों का किसी और से
क्या उनके खयालों में मेरा अक्श उभर आया होगा
बड़ी खुशफहमी पाल रखी है दिल ने उनके लिये
भला मेरे बदहाल से उन पर क्यों असर आया होगा
अपनी बेवफाई का आलम भूल पायेंगे कैसे भला
उन का दिया वो दर्द क्या उनको समझ आया होगा
हम तो गुनाहगार मानते हैं ख़ुद को अब भी
क्या उनके भी दिल में कभी ये ख्याल आया होगा...