Page - 4

Tarane Mohabbaton Ke

क्यों लिखते हो अय दोस्त, ये तराने मोहब्बतों के ,
जब कि दिखते हैं हर तरफ, अब साये नफ़रतों के !

तेरे अहसासे दिल को, भला कोंन समझेगा दोस्त,
जब कि यहाँ उठते हैं रोज़ अब, जनाज़े हसरतों के !

अब भूल जाओ यारो, वो खुशियों वो उमंगों के दिन,
अब तो दिखते हैं हर कदम पर, नज़ारे वहशतों के !

अब न कोई भी महफूज़ है, इस दुनिया के मेले में,
अब तो घुस चुके हैं हर दिल में, अंगारे दहसतों के !

न होइए मायूस यूं, ये तो दुनिया का चलन है 'मिश्र',
यूं ही मिलते रहेंगे हर तरफ, ये फ़साने हरकतों के !

Jo Roya Nahi Karte

जो हो गया उसे सोचा नहीं करते,
जो मिल गया उसे खोया नहीं करते,,,
हासिल उन्हें ही होती है सफलता,
जो वक़्त और हालात पर रोया नहीं करते,,,

Raah pe chalte rahiye

हो के मायूस यूँ ना शाम की तरह ढलते रहिये,,,
#ज़िंदगी एक भोर है #सूरज की तरह निकलते रहिये,,,
ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे,,,
धीरे धीरे ही सही मगर राह पे चलते रहिये,,,

Kasoor Dhoondhta Hai

हर कोई हर किसी में, कसूर ढूंढता है।
न मिलता है गर पास, तो दूर ढूंढता है।

न झांकता है इंसान अपने दिल में यारो,
मगर खामियाँ दूसरों में, ज़रूर ढूंढता है।

छुपा लेता है ये आदमी ज़ख्म अपने तो,
पर नोचने को औरों के, नासूर ढूंढता है।

छुप गयी है ज़िंदगी आफतों की धूल में,
दिल फिर भी ज़र्द चेहरों में, नूर ढूंढता है।

न समझ पाए आदमी की तलब को,
न देखता शक्ल अपनी, पर हूर ढूंढता है।

Mohabbat Kamzor Nahi

माना के #किस्मत पर मेरा कोई ज़ोर नहीं,
पर ये सच है कि #मोहब्बत मेरी कमज़ोर नहीं...

उसके #दिल में, उसकी यादों में कोई ओर है,
लेकिन मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई ओर नहीं...