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Asliyat chhupaye huye

हर तरह के 👹 मुखौटे 👺, वो लगाए हुए हैं,
लोग औकात अपनी, यूं छुपाये हुए हैं !
क़त्ल करके भी बेगुनाह बनते हैं वो,
झूठी शराफत के, चश्मे 😎 लगाए हुए हैं !
हर तरफ दिखता है अजब सा समां,
🌹फूलों 🌻 की राहों में, कांटे बिछाए हुए हैं !
अपनों पे क्या यक़ीं कब तक निभाएं,
अंदर तो वो भी, मतलब बसाये हुए हैं !
जो भी दिखता है वो वैसा नहीं है दोस्त,
सब के सब तो,असलियत छुपाये हुए हैं !

Khatam kahani pyar ki

अच्छा हुआ कि ख़त्म हुई, अपनी कहानी प्यार की ,
हम छोड़ आये उनके लिए, सारी रवानी बहार की !
न उठाओ फूल कब्र से, गर सूखें तो सूख जाने दो,
अब यही बची है मुझ पे बस, इक निशानी प्यार की !
सोचा था कि बिकती नहीं, उल्फत कहीं बाजार में,
पर दोस्तों ये सच नहीं, कभी सुनना जुबानी यार की !
कागज़ के चंद टुकड़ों से, बदल जाते हैं कैसे दिल,
कभी आ कर मेरे मज़ार पे, सुनना कहानी प्यार की !
यारो होते नहीं पूरे कभी भी, ज़िन्दगी के स्वप्न सारे,
बस मेरी तरह मायूस दिल, लिखता कहानी हार की !!!

Na Bacha Koi Gham

न बचा है कोई ग़म, मुझे अब रुलाने के लिए ,
मान गया है दिल भी, सब कुछ भुलाने के लिए !
नफरतों की आग ने जला दिया मेरा सब कुछ,
न बची हैं उल्फतें, किसी का दिल चुराने के लिए !
न ढूंढो अब कोई भी नया चाँद मेरे लिए दोस्तो,
न बची है जगह कोई, अब चाँदनी छुपाने के लिए !
न रहा कोई अपनापन न रिश्तों का कोई बंधन,
दिखते हैं तैयार सब, बस कश्तियाँ डुबाने के लिए !
मैं तो एक जाहिल ही नहीं काहिल भी हूँ दोस्त,
न आतीं हैं मुझे तरकीबें, आसमां झुकाने के लिए !

Mandir Mein Bhajan Gane

मंदिर में भजन गाने से क्या मिलेगा,
झूठी भक्ती दिखाने से क्या मिलेगा !
अंदर भरा है मैल #नफ़रत का इतना,
कि रोज़ गंगा नहाने से क्या मिलेगा !
निहारता है सब कुछ वो ऊपर बैठ कर,
उससे सच को छिपाने से क्या मिलेगा !
भुलाया खुशियों में बेकार समझ कर उसे,
अब दुखों में याद आने से क्या मिलेगा !
भेज था हमें तो पैग़ामे #मोहब्बत दे कर,
उसकी मर्जी भूल जाने से क्या मिलेगा !
जो हर जगह मौजूद है हर पल हर घड़ी,
उसके लाखों घर बनाने से क्या मिलेगा !
ज़रा झांक कर देखो अपना गिरेवाँ दोस्त,
कमियाँ औरों की बताने से क्या मिलेगा !!!

Intezaar hai aaj bhi

जूनून-ए-मोहब्बत, बरक़रार है आज भी,
इस #दिल को उनका, इंतज़ार है आज भी !
बहुत देखे हैं हमने हारे हुए दिल वाले भी
मगर अपना तो #दिल, बेक़रार है आज भी !
मुश्किलों का क्या आती ही है #ज़िन्दगी में,
इन हादसों से अपना तो, क़रार है आज भी !
नफरतों का क्या कोई भी कर ले किसी से,
पर #मोहब्बत की सज़ा, वज़नदार है आज भी !
न करो अफसोस दुनिया में आने का दोस्त ,
इंसानियत की दुनिया, तलबगार है आज भी !!!